India’s Got Latent Row: शर्तों के साथ ‘द रणवीर शो’ शुरू करने की अनुमति, इलाहाबादिया को SC से बड़ी राहत

Ranveer Allahbadia
India’s Got Latent Row: रणवीर इलाहाबादिया को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने इलाहाबादिया को अपना ‘द रणवीर शो’ फिर से प्रसारित करने की अनुमति दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं.
India’s Got Latent Row: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया को ‘द रणवीर शो’ फिर से शुरू करने की अनुमति दी, लेकिन कुछ शर्तों के साथ. कोर्ट ने कहा- वह यह वचन दें कि उनके पॉडकास्ट नैतिकता और शालीनता के मानकों को बनाए रखेंगे ताकि किसी भी आयु वर्ग के दर्शक देख सकें. कोर्ट ने कहा- इलाहाबादिया को अपना शो फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाती है, क्योंकि 280 कर्मचारियों की आजीविका उसके प्रसारण पर निर्भर करती है. इलाहाबादिया ने शो प्रसारित करने से प्रतिबंधित किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया के सामने क्या रखी शर्त?
- सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को अपने कार्यक्रम में शालीनता बनाए रखने का निर्देश दिया.
- सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को ‘द रणवीर शो’ में विवाद वाले मामले के बारे में बात करने से बैन कर दिया है.
- कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया से ‘द रणवीर शो’ के सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त होने का वचन देने को कहा.
- कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को फिलहाल विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. उन्हें जांच में शामिल होने के बाद ही विदेश जाने की अनुमति दी जा जाएगी.
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भी दिया निर्देश
रणवीर इलाहाबादिया मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिया. कोर्ट ने केंद्र से कहा- सोशल मीडिया सामग्री को रिगुलेट करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करें. साथ ही सभी स्टॉक होल्डर से सुझाव लेने के लिए कहा है.
मौलिक अधिकार थाली में नहीं परोसे गए: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया के वकील को फटकार भी लगाई. कोर्ट ने कहा- मौलिक अधिकार थाली में नहीं परोसे गए हैं, कुछ प्रतिबंध हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रणवीर इलाहाबादिया को प्रदान की गई गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि बढ़ाई, उसे गुवाहाटी में जांच में शामिल होने के लिए कहा.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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