कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में आयेगी तेजी, जून और जुलाई महीने में मिलेंगे Sputnik V के 1.5 करोड़ डोज
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 Jun 2021 11:11 AM
Corona Vaccine In India: भारत में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को तेजी लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. जुलाई मध्य या अगस्त महीने से सरकार का लक्ष्य है प्रत्येक दिन एक करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज दिये जाए. इस लेकर रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक V के लाखों डोज भारत पहुंच चुके हैं. स्पूतनिक V के निर्माताओं से को उम्मीद है कि अगले दो महीने में और 18 मिलियन डोज की आपूर्ति कर देंगे.
भारत में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को तेजी लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. जुलाई मध्य या अगस्त महीने से सरकार का लक्ष्य है प्रत्येक दिन एक करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज दिये जाए. इस लेकर रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक V के लाखों डोज भारत पहुंच चुके हैं. स्पूतनिक V के निर्माताओं से को उम्मीद है कि अगले दो महीने में और 18 मिलियन डोज की आपूर्ति कर देंगे.
इससे पहले रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक V की 2,10000 डोज भारत आ चुके हैं. इसके बाद उम्मीद थी की मई के अंत तक 30 लाख और डोज भारत पहुंच जाएंगे. जानकारी के मुताबिक इन 30 लाख डोज के खत्म होने के बाद जून तके महीने में और 50 लाख डोज भारत पहुंचेंगे. साथ ही जुलाई के महीने में एक करोड़ रूसी कोरोना वैक्सीन के भारत पहुंचने की उम्मीद है.
रूस द्वारा निर्मित कोरोवा वैक्सीन स्पूतनिक V कोरोना वायरस के खिलाफ 91.4 फीसदी सुरक्षा प्रदान करता है. कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद भारत में इस्तेमाल की अनुमति पाने वाला यह तीसरा कोरोना वैक्सीन है. वैक्सीन के रूसी डेवलपर्स ने भारत में खुराक के वितरण के लिए डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के साथ करार किया है. उन्होंने कई फर्मों के साथ एक वर्ष में 850 मिलियन खुराक तक निर्माण करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.
रूस में भारत के दूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने हाल ही में कहा था कि दुनिया भर में उत्पादित स्पुतनिक वी की सभी खुराक का लगभग 70 फीसदी उत्पादन भारत में किया जाएगा. रूसी पक्ष ने वैक्सीन के एकल खुराक संस्करण स्पुतनिक लाइट के लिए नियामक अनुमोदन भी मांगा है, हालांकि सभी प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं.
हिमाचल प्रदेश के बद्दी में पैनेसिया बायोटेक में स्पूतनिक V का उत्पादन शुरू होगा इसके बाद इसकी गुणवत्ता नियंत्रण जांच के लिए रूस के गमालेया भेजा जाएगा. गौरतलब है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बाद संभावित तीसरी लहर को देखते हुए इस साल दिसंबर के अंत तक सभी लोगों का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन के उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
Posted By: Pawan Singh
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










