India Nepal Border Dispute : भारतीय सीमा के पास नेपाली हेलीपैड, चीन की शह पर भारत को आंख दिखा रहा है नेपाल, मिला सबूत
Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 24 Jun 2020 10:52 AM
india nepal border dispute : चीन (china) के साथ-साथ भारत का पड़ोसी नेपाल (nepal) भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एबीपी न्यूज के अनुसार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारतीय सीमा के पास लिपुलेख के दूसरी तरफ नेपाल ने एक हेलीपैड बना लिया है. यहां गतिविधि तेज नजर आ रही है. यही नहीं इन इलाकों में ऐसे टेंट भी नजर आ रहे हैं जिनपर चीनी भाषा में कुछ लिखा हुआ है. इससे यह साफ हो रहा कि नेपाल ऐसी हिमाकत चीन की शह पर कर रहा है.
india nepal border dispute : चीन (China) के साथ-साथ भारत का पड़ोसी नेपाल (nepal) भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एबीपी न्यूज के अनुसार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारतीय सीमा के पास लिपुलेख के दूसरी तरफ नेपाल ने एक हेलीपैड बना लिया है. यहां गतिविधि तेज नजर आ रही है. यही नहीं इन इलाकों में ऐसे टेंट भी नजर आ रहे हैं जिनपर चीनी भाषा में कुछ लिखा हुआ है. इससे यह साफ हो रहा कि नेपाल ऐसी हिमाकत चीन की शह पर कर रहा है.
भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाली भूभाग बताने वाले अपने दावे को मजबूत करने के लिए नेपाल अब भारत के साथ लगती सीमा के पास अपने एफएम रेडियो चैनलों के जरिए भारत विरोधी दुष्प्रचार कर रहा है. सीमा के पास रह रहे भारतीय गांवों के निवासियों का कहना है कि नेपाली चैनलों द्वारा प्रसारित गीत आधारित या अन्य कार्यक्रमों के बीच में भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्रों को वापस किये जाने की मांग करने वाले भारत-विरोधी भाषण दिए जा रहे हैं.
इधर, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बिहार के वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर बुधवार से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य शुरू हो जायेगा. सीमित शर्तों के साथ इसकी अनुमति नेपाल सरकार ने मंगलवार को दे दी. मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई पांचवीं बैठक में नेपाल ने इसकी इजाजत दी.लॉकडाउन की वजह से नेपाल ने उसके हिस्से में पड़ने वाले गंडक बराज वाल्मीकिनगर के दायें तटबंध में बने एफ्लक्स बांध पर गश्ती और मरम्मत की अनुमति नहीं दी थी. इस कारण इस बांध की सुरक्षा को खतरा हो गया था. पश्चिम चंपारण के डीएम और नेपाल के डीएम से पिछले कई दिनों से बात हो रही थी. जिसके बाद मंगलवार को नेपाल सरकार ने मरम्मत कार्य के लिए सीमित शर्तों के साथ अनुमति जल संसाधन विभाग वाल्मीकिनगर को दी है.
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उधर, चीन की शह पर उछल रहे नेपाल ने स्वीकार किया है कि ड्रैगन उसकी जमीन कब्जा रहा है. नेपाल के कृषि मंत्रालय ने कहा है कि चीन ने नेपाल की भूमि कब्जा करके अपनी सीमा को बढ़ा लिया है. जहां वह सैन्य पोस्ट बनाना चाहता है.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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