India-China Dispute: अब एलएसी पर लौटेगी शांति? गलवान घाटी में हुए संघर्ष में शहीद हो गए थे 20 भारतीय जवान
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 26 Jul 2024 9:41 AM
India-China Dispute: पिछले करीब पांच साल से जारी चीन और भारत के बीच तनाव अब कम हो सकता है. इसके लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से बात की है.
India-China Dispute: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आसियान बैठक से इतर लाओस के वियनतियान में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान एलएसी विवाद सुलझाने पर भी बात हुई. जयशंकर ने वांग यी से कहा कि एलएसी और पिछले समझौतों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. संबंधों को स्थिर करना दोनों देशों के हित में है.
एस जयशंकर और वांग यी ने पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने इसके लिए जरूरी कदम उठाने की बात की. दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि सीमा की स्थिति को लंबा खींचना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है. बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मजबूत मार्गदर्शन की आवश्यकता है जिसपर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है. हमें तत्काल मुद्दों पर उद्देश्य और तत्परता के साथ काम करना चाहिए.
मई 2020 से पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद
दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद जारी रहने के बीच हुई, जो बहुत ही महत्वपूर्ण बताई जा रही है. इस विवाद पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है. भारत की ओर से कहा गया है कि सीमा क्षेत्रों में शांति की जरूरत है. उसके बाद ही चीन के साथ संबंध सामान्य हो पाएंगे. मई 2020 से भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध जारी है. सीमा विवाद का पूरी तरह से समाधान अभी तक नहीं हो पाया है. हालांकि, दोनों पक्ष टकराव वाले कई बिंदुओं से पीछे हटते नजर आ चुके हैं.
Read Also : चीन से झड़प के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने जारी किया 4.59 मिनट का वीडियो, वो हैं गलवान के वीर…
गलवान घाटी में हुए संघर्ष में शहीद हो गए थे 20 भारतीय जवान
अप्रैल 2020 में शुरू हुआ यह विवाद कमोबेश अभी भी जारी है. उस वक्त चीन ने विवादित एलएसी के पूर्वी लद्दाख और अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों के साथ मोर्चाबंदी की थी. इससे गलवान घाटी, पैंगोंग त्सो के अलावा गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स जैसे इलाकों में दोनों देशों की सेना में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. गतिरोध ने 15 जून को हिंसक रूप तब ले लिया जब लद्दाख की गलवान घाटी में हुए संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










