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ड्रैगन को भारत की दो टूक, आंतरिक मामलों में दखल अंदाजी नहीं करे चीन

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
ड्रैगन को भारत की दो टूक, आंतरिक मामलों में दखल अंदाजी नहीं करे चीन
ड्रैगन को भारत की दो टूक, आंतरिक मामलों में दखल अंदाजी नहीं करे चीन
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भारत ने चीन से स्पष्ट कहा है कि लद्दाख और जम्म-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न अंग रहे हैं. चीन के पास भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है. भारतीय विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन ने कहा है कि वो भारत द्वारा स्थापित लद्दाख को भारतीय सीमा के तौर पर मान्यता नहीं देता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ऑनलाइन ब्रीफिंग के दौरान कहा कि लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न अंग है. चीन के पास भारत के आंतरिक मामलों में बयान देने का कोई अधिकार नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि कोई भी देश भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे क्योंकी वो भी भारत से ऐसी दखल की उम्मीद नहीं करते हैं.

गौरतलब है कि जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सामरिक रूप से निर्मित महत्वपूर्ण 44 प्रमुख पुलों का उद्घाटन किया था तब चीन ने कहा था कि वो भारत द्वारा स्थापित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को वैध नहीं मानता है. इस वर्ष की शुरुआत से ही भारत और चीन बीच गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद सीमा पर तनाव का माहौल बना हुआ है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा था कि चीन लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के तथाकथित केंद्र शासित प्रदेश को भारत का अवैध कब्जा मानता है. साथ ही कहा था कि चीन विवादित सीमा क्षेत्रों में सैन्य निगरानी के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे के निर्माण के विरोध में हैं.

भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए 44 पुलों का उद्घाटन किया. गौरतलब है कि चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत ने हर स्थिति से निपटने के लिए 102 पुलों के निर्माण की योजना बनायी है. अबतक देश में 54 पुल बनाये जा चुके हैं.

चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच भारत सरकार पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ा रही है, ताकि हर परिस्थिति से निपटा जा सके. अबतक बनाये गये 54 पुल इतने मजबूत हैं कि इन पर युद्ध की स्थिति में टी-90 जैसा वजनी टैंक भी आराम से आ जा सकता है.

Posted By: Pawan Singh

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