स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं भारत के 22 जहाज, सरकार बना रही है एग्जिट प्लान
Published by : Pritish Sahay Updated At : 17 Mar 2026 9:07 PM
फारस की खाड़ी में भारतीय जहाज, फोटो- पीटीआई
Middl East Crisis:ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तेहरान ने बंद कर दिया है. इसके कारण कई भारतीय जहाज भी यहां फंसे हुए हैं. युद्ध शुरू होने के समय यहां 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे. अब 4 जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं, जबकि बाकी जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए है.
Middl East Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के 22 जहाज फंसे हुए हैं. इन्हें सुरक्षित वापस लाने का प्रयास जारी है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय जहाजों से जुड़ी कोई भी घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा पोत परिवहन महानिदेशालय जहाज मालिकों, एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर संचालन पर करीबी नजर रख रहा है. फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला संकरा जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद प्रभावी रूप से बंद हो गया है. इसके कारण उस रास्ते से जहाज नहीं आ पा रहे हैं.
सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं चार जहाज
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एलपीजी टैंकर नंदा देवी मंगलवार गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच गया है. इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को पहला जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुका था. उन्होंने बताया कि दोनों जहाजों में मिलाकर करीब 92,712 टन एलपीजी है, जो देश की एक दिन की खाना पकाने वाली गैस की जरूरत के बराबर है. एलपीजी लेकर आ रहे दोनों भारतीय जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की थी और 14 मार्च की सुबह वे सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है.
फारस की खाड़ी के पूर्वी में दो और पश्चिमी में 22 जहाज फंसे हैं
फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद बेहद संवेदनशील हो गया है. युद्ध शुरू होने के समय इस क्षेत्र में कुल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे, जिनमें पश्चिमी हिस्से में 24 और पूर्वी हिस्से में चार जहाज थे. अब पश्चिमी हिस्से में 22 और पूर्वी हिस्से में दो जहाज बचे हैं. पूर्वी हिस्से में मौजूद जहाजों में कच्चे तेल का टैंकर जग लाडकी करीब 80,800 टन मुरबान क्रूड लेकर भारत पहुंचने वाला है. इस जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं. वहीं, दूसरा टैंकर जग प्रकाश भी जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर तंजानिया की ओर बढ़ चुका है. यह ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन लेकर जा रहा है.
बाकी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर सरकार की नजर
भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि मीडिल ईस्ट में मौजूद बाकी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अधिकारी सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फिलहाल 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं. इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चे तेल के टैंकर, 1 रासायनिक उत्पादों का जहाज, 3 कंटेनर शिप, 2 बल्क कैरियर और 1 ड्रेजर शामिल हैं. इसके अलावा, 1 जहाज खाली है, जबकि 3 जहाज नियमित रखरखाव के लिए ड्राई डॉक में हैं.
पोत परिवहन मंत्री ने की एलपीजी टैंकर चालकों से बात
पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दो एलपीजी टैंकरों के चालक दल से वीडियो कॉल के जरिए बात की है. उन्होंने उनके साहस, सतर्कता और उत्कृष्ट सेवा की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि फारस की खाड़ी और रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए चालक दल का व्यवहार बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सुरक्षित समुद्री संचालन के महत्व को दर्शाता है. (इनपुट भाषा)
Also Read: इजराइल के रक्षा मंत्री का दावा, हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










