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क्‍या बढ़ने वाला है लॉकडाउन ? गृह मंत्री अमित शाह ने राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से की बात

Updated at : 28 May 2020 10:19 PM (IST)
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क्‍या बढ़ने वाला है लॉकडाउन ? गृह मंत्री अमित शाह ने राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से की बात

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लगाये गये लॉकडाउन 4.0 की अवधि समाप्‍त होने वाली है वैसे में अब इसको आगे बढ़ाने को लेकर अटकलें शुरू हो गयी हैं, इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी लॉकडाउन को लेकर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से गुरुवार को बात की है. उन्‍होंने लॉकडाउन को लेकर राज्‍यों के विचार जाना.

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नयी दिल्‍ली : कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लगाये गये लॉकडाउन 4.0 की अवधि समाप्‍त होने वाली है वैसे में अब इसको आगे बढ़ाने को लेकर अटकलें शुरू हो गयी हैं, इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने भी लॉकडाउन को लेकर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से गुरुवार को बात की है. उन्‍होंने लॉकडाउन को लेकर राज्‍यों के विचार जाना.

देशव्‍यापी बंद के बावजूद कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है. पिछले 10 दिनों में तेजी से नये मामले देश में आये हैं और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 158333 हो गयी है और मरने वालों की संख्‍या भी बढ़कर 4531 हो गयी. देश में COVID-19 के बढ़ते संक्रमण को लेकर लॉकडाउन हो आगे बढ़ाने की मांग भी तेज हो गयी है. हालांकि यह भी मांग हो रही है कि लॉकडाउन बढ़े, लेकिन आर्थिक गतिविधियों में छूट भी मिलनी चाहिए.

मालूम हो गृह मंत्री से पहले कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भी लॉकडाउन को लेकर मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई समेत कोरोना वायरस से प्रभावित 13 शहरों के नगर निगम आयुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक की. ये 13 शहर देश में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं और देश में संक्रमण के कुल मामलों में से करीब 70 प्रतिशत मामले इन्हीं शहरों में सामने आए हैं. वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई इस बैठक में संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों एवं प्रधान सचिवों (स्वास्थ्य) ने भी भाग लिया. इस बैठक का एजेंडा ‘कोविड-19 को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया’ था.

इस बैठक में कोविड-19 से निपटने के लिए नगर निगमों के अधिकारियों और कर्मियों के उठाए कदमों की समीक्षा की गई. केंद्र सरकार ने शहरी बस्तियों में कोरोना वायरस से निपटने को लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अत्यधिक जोखिम वाले कारकों पर काम करने, पुष्टि की दर, मृत्यु दर, मामले दोगुने होने की दर, प्रति 10 लाख लोगों पर जांच की संख्या इत्यादि को रणनीति में ध्यान में रखा गया.

रणनीति में उन पहलुओं का जिक्र किया गया है, जिन्हें निषिद्ध और बफर जोन निर्धारित करते समय ध्यान में रखना है. रणनीति में निषिद्ध क्षेत्रों में निर्धारित गतिविधियों जैसे इलाके में आवाजाही पर नियंत्रण, घर-घर जाकर संदिग्ध संक्रमितों का पता लगाने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने और सक्रिय मामले में इलाज के प्रोटोकॉल का जिक्र किया गया है.

इसमें बफर जोन में भी निगरानी गतिविधियों की बात की गई है, जैसे सांस की बीमारी संबंधी मरीजों का पता लगाना, सामाजिक दूरी और साफ-सफाई के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना इत्यादि. उल्लेखनीय है कि देश में सबसे पहले 25 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था, जिसे पहले तीन मई, फिर 17 मई और अब 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

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