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मुजफ्फरनगर के बाद अब करनाल में ताकत दिखाएंगे किसान, प्रशासन अलर्ट, धारा 144 लागू

हरियाणा के करनाल में धारा 144 लागू कर दी गई है. इसके तहत बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है. यह फैसला 7 सितंबर को किसान संघों द्वारा दिए गए विरोध के आह्वान को देखते हुए लिया गया है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
करनाल लाठीचार्ज का विरोध करते हरियाणा के किसान.
करनाल लाठीचार्ज का विरोध करते हरियाणा के किसान.
PTI

Section 144 imposed in Karnal: हरियाणा (Haryana) के करनाल (Karnal) में धारा 144 (Section 144) लागू कर दी गई है. यह फैसला 7 सितंबर को किसान संघों द्वारा दिए गए विरोध के आह्वान को देखते हुए लिया गया है. किसानों पर 28 अगस्त को हुए लाठीचार्ज (Lathicharge) के विरोध में किसान संघों ने करनाल में एक रैली (Rally in Karnal) की योजना बनाई है.

मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध कर रहे थे किसान

दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar) जिस दिन करनाल में बीजेपी (BJP) की बैठक में शामिल होने वाले थे, उस दिन उनके विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. किसान मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध करने के लिए बस्तर टोल प्लाजा (Bastara Toll Plaza) पर इकट्ठा हुए थे. पुलिस कार्रवाई में कम से कम 10 किसान चोटिल हुए थे.

उप मंडल मजिस्ट्रेट का वीडियो हुआ था वायरल

वहीं, घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें करनाल के उप-मंडल मजिस्ट्रेट आयुष सिन्हा (Karnal sub-divisional magistrate Ayush Sinha) को पुलिस को 'प्रदर्शनकारियों का सिर तोड़ने' का आदेश देते हुए सुना गया था. इस घटना के बाद, 2020 में संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने हरियाणा सरकार से 6 सितंबर तक आयुष सिन्हा के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज करने की मांग की.

29 अगस्त को नूंह में महापंचायत

किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर सात सितंबर को करनाल सचिवालय (Karnal secretariat) में घेराव धरना शुरू करने की धमकी दी. वहीं, लाठीचार्ज के बाद एसकेएम ने किसानों से पूरे हरियाणा में सभी राजमार्गों और टोल प्लाजा को अवरुद्ध करने का आह्वान किया और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा करने की मांग की. 29 अगस्त को नूंह जिले में महापंचायत का आयोजन भी किया गया.

किसानों ने की यह मांग

किसान पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा, कथित रूप से लाठीचार्ज में मारे गए किसान के परिवार को 25 लाख रुपये और उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं.

शब्दों का चुनाव गलत था

किसान पर लाठीचार्ज के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई एक प्रशासनिक मामला था, लेकिन उप-मंडल मजिस्ट्रेट द्वारा शब्दों का चुनाव गलत था. हालांकि, कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरती जानी थी.

बता दें, हरियाणा सरकार ने करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा सहित 19 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है. आयुष सिन्हा अब नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अतिरिक्त सचिव हैं.

Posted by : Achyut kumar

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Published Date

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