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'वैक्सीन पर अच्छी खबर है', अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर दुनिया को चौंकाया

By Prabhat khabar Digital
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'वैक्सीन पर अच्छी खबर है'
'वैक्सीन पर अच्छी खबर है'
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नयी दिल्ली : कोरोना वायरस का संक्रमण देश-दुनिया में तेजी से फैलते जा रहा है. अब तक पूरी दुनिया में सवा करोड़ से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, वहीं अगर देश की बात करें तो यहां भी तेजी से आंकड़ा 9 लाख के पार पहुंच चुका है. कोरोना के कहर से बचने के लिए देश-दुनिया के वैज्ञानिक वैक्सीन पर काम कर रहे हैं. कई जगहों से बड़ी खुशखबरी भी आ रही है. इस बीच कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कोविड वैक्सीन को लेकर बड़ी घोषणा कर दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया और लिखा, वैक्सीन पर अच्छी खबर है. ट्रंप के छोटे से संदेश के बाद कोरोना संक्रमण से परेशान दुनिया को बड़ी राहत मिली है. ट्रंप के ट्वीट के बाद चर्चा तेजी से हो रही है कि क्या अमेरिका ने कोरोना का वैक्सीन तैयार कर लिया है. मालूम हो अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना इंक की वैक्सीन mRNA-1273 अपने पहले ट्रायल में पूरी तरह से सफल रही है.

ट्रंप के ट्वीट पर लोगों की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गयी है. डॉ डेविड बी समदी जो की एक यूरोलॉजिस्ट हैं और लेनॉक्स हिल अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के प्रमुख हैं, उन्होंने ट्रंप के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए लिखा, हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह टीका सुरक्षित और प्रभावी होगा. यह अच्छी खबर है और मुझे पता है कि दुनिया के सबसे तेज दिमाग के साथ काम करके हम इस वायरस को समाप्त कर सकते हैं!

गौरतलब है भारत ने भी कोरोना वैक्सीन की एक ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब मानव परीक्षण भी शुरू कर दिया है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा कि कोविड-19 टीके का देश में मानव परीक्षण शुरू हो गया है. देश में विकसित दो टीकों के परीक्षण की कवायद में लगभग एक हजार स्वयंसेवी शामिल हो रहे हैं.

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने देश में विकसित दो टीकों का संदर्भ देते हुए कहा कि क्योंकि भारत दुनिया में सबसे बड़े टीका निर्माताओं में से एक है, इसलिए कोरोना वायरस प्रसार की कड़ी को तोड़ने के लिए टीका विकास प्रक्रिया को तेज करना देश का ‘नैतिक दायित्व' है. भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने दो टीकों के पहले और दूसरे चरण के मानव परीक्षण की अनुमति दे दी है. इनमें से एक टीका भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने आईसीएमआर के साथ मिलकर विकसित किया है, जबकि दूसरा टीका जायडस कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड ने तैयार किया है.

Posted By - Arbind kumar mishra

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