किसानों के लिए खुशखबरी, चार फर्टिलाइजर जहाजों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट

Edited by Amitabh Kumar
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होर्मुज पार करते जहाज (File Photo PTI)

भारत के लिए राहत भरी खबर है. उर्वरक (फर्टिलाइजर) लेकर आ रहे जहाजों ने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है. इससे देश में खाद की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कम हुई है.

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भारत की उर्वरक सुरक्षा के लिए बड़ी राहत की खबर है. यूरिया, डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और सल्फर की महत्वपूर्ण खेप लेकर चार मालवाहक जहाज पिछले सप्ताह सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर चुके हैं. वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय तनाव की चुनौतियों के बीच ये जहाज अब देश के विभिन्न बंदरगाहों (कृष्णापट्टनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा) की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाजों के पहुंचते ही उर्वरकों की खेप उतारी जाएगी, जिससे देश में उपलब्ध भंडार को और मजबूत किया जा सकेगा. इससे किसानों की जरूरतों को पूरा करने और आगामी कृषि सीजन के लिए उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

22 जून 2026 तक भारत का कुल उर्वरक भंडार 196.08 लाख टन पर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में उपलब्ध 168.67 लाख टन की तुलना में काफी अधिक है.

उर्वरक22 जून 2026 का स्टॉक (लाख टन)पिछले वर्ष का स्टॉक (लाख टन)बदलाव
यूरिया (Urea)81.4469.21+12.23
डीएपी (DAP)20.9216.00+4.92
एनपीके (NPKs)55.9146.13+9.78
एमओपी (MOP)12.6810.68+2.00
एसएसपी (SSP)25.1326.65-1.52
PIB ने डाटा दिया है.

कृषि क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का असर उर्वरकों की बिक्री पर भी दिख रहा है. 1 मार्च 2026 से 21 जून 2026 के बीच देश में कुल 153.4 लाख टन उर्वरकों की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 140.2 लाख टन बिक्री की तुलना में 13.2 लाख टन अधिक है. कुल बिक्री में 79.1 लाख टन यूरिया, 34.8 लाख टन एनपीके तथा 19.8 लाख टन डीएपी (टीएसपी सहित) शामिल हैं. यह आंकड़े किसानों की बढ़ती मांग और कृषि क्षेत्र की मजबूत रफ्तार को दर्शाते हैं. 

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सरकार ने किसानों के हित में उठाया कदम

दुनिया भर में सप्लाई और कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने एक तरफ देश में उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाया, तो दूसरी तरफ जरूरत के हिसाब से विदेशों से भी खाद मंगाई. इसी का नतीजा है कि संकट के बाद देश में 133.12 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उत्पादन हुआ, जबकि 43.69 लाख मीट्रिक टन उर्वरक विदेशों से आयात किए गए.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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