G20: राष्ट्रपति के डिनर में क्यों नहीं आ रहे कांग्रेस शासित राज्य के मुख्यमंत्री, जानिये कौन हो रहे हैं शामिल

Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Sep 2023 5:56 PM

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G20 Summit: कांग्रेस शासित राज्यों में से सिर्फ एक राज्य के सीएम शामिल हो रहे हैं. जिन राज्यों के सीएम डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं उनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया डिनर के नाम शामिल हैं.

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G20 Summit: जी-20 शिखर सम्मेलन के बीच विदेशी मेहमानों के स्वागत में आज यानी शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिनर का आयोजन किया है. राष्ट्रपति की ओर से आयोजित डिनर में जी-20 देशों से आए मेहमानों के अलावा देश के कई नेता और नामचीन लोगों को भी शामिल किया गया है. आज की डिनर में  600 लोग शामिल होंगे. डिनर का आयोजन भारत मंडपम में किया जा रहा है. कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी राष्ट्रपति भवन की ओर से निमंत्रण भेजा गया है. वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक कई मुख्यमंत्री डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं. सबसे बड़ी बात की राष्ट्रपति के डिनर में हिमाचल को छोड़ कांग्रेस शासित किसी राज्य के मुख्यमंत्री डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं.

शटल बस से भारत मंडपम जायेंगे सभी मुख्यमंत्री

डिनर में आने वाले  सभी मुख्यमंत्रियों को अपने काफिले की गाड़ियों को संसद में पार्क करने को कहा गया है और यहां  से सभी मुख्यमंत्री शटल बस के जरिए भारत मंडपम जायेंगे. वहीं, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एचडी देवगौड़ा स्वास्थ्य कारणों से रात्रिभोज में हिस्सा नहीं ले रही है. जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है उन राज्यों में सिर्फ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ही डिनर में शामिल हो रहे हैं. इधर, बीजेपी शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री डिनर में शामिल हो रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के एम के स्टालिन भी डिनर में शामिल हो रहे हैं. जबकि, विदेश में होने के कारण आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी शामिल नहीं होंगे और तेलंगाना के चंद्रशेखर राव, ओडिशा के नवीन पटनायक स्वस्थ कारण से शामिल नहीं हो रहे हैं.

डिनर में शामिल न होने वाले मुख्यमंत्री
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस शासित राज्यों में से सिर्फ एक राज्य के सीएम शामिल हो रहे हैं. जिन राज्यों के सीएम डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं उनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया डिनर के नाम शामिल हैं. गौरतलब है कि सीएम अशोक गहलोत के अंगूठे में फ्रैक्चर है, जिसके कारण वो डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं. वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी स्वास्थ्य कारणों के कारण डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं. कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है. हालांकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कोई कारण नहीं बताया है, लेकिन खबर है कि वो भी डिनर में शामिल नहीं हो रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नहीं मिला निमंत्रण
इधर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को राष्ट्रपति की ओर से आयोजित डिनर का निमंत्रण नहीं मिला है. खरगे को जी 20 रात्रिभोज के लिए आमंत्रित न करने पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा केवल उन्हीं देशों में संभव है, जहां लोकतंत्र या विपक्ष का अस्तित्व नहीं है. चिदंबरम ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि ‘इंडिया, जो कि भारत है’ उस स्थिति में नहीं पहुंचा है, जहां लोकतंत्र और विपक्ष का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा. पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि मैं कल्पना नहीं कर सकता कि किसी अन्य लोकतांत्रिक देश की सरकार विश्व के नेताओं के लिए आयोजित राजकीय रात्रिभोज में विपक्ष के मान्यता प्राप्त नेता को आमंत्रित नहीं करे. ऐसा केवल उन्हीं देशों में हो सकता है, जहां लोकतंत्र नहीं है या विपक्ष नहीं है.

60 फीसदी आबादी के नेता को महत्व नहीं देती सरकार- राहुल गांधी
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कहा था कि पार्टी प्रमुख खरगे को जी 20 रात्रिभोज के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार भारत की 60 प्रतिशत आबादी के नेता को महत्व नहीं देती. वहीं, कांग्रेस ने जी-20 शिखर सम्मेलन के चलते सरकार झुग्गियों को ढकने या ध्वस्त करने और आवारा जानवरों को पकड़े जाने का आरोप लगाया. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा की भारत की वास्तविकता को हमारे मेहमानों से छिपाने की कोई जरूरत नहीं है.उन्होंने कहा कि जी 20 से पहले मोदी सरकार ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए गरीबों के घरों को पर्दे से ढकवा दिया है. क्योंकि राजा को गरीब से नफरत है.

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राहुल गांधी ने किया ट्वीट
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत सरकार हमारे गरीबों और बेजुबान जानवरों को छिपाने में लगी हुई है. भारत की सच्चाई को हमारे मेहमानों से छिपाने की कोई जरूरत नहीं है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जी 20 का उद्देश्य सकारात्मक पहल के लिए विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक मंच पर आना है. इसका उद्देश्य वैश्विक समस्याओं से सहयोगात्मक ढंग से निपटना है. झुग्गियों को या तो ढक दिया गया है या ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं. सिर्फ प्रधानमंत्री की छवि को चमकाने के लिए आवारा पशु बेरहमी से पकड़े गए हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है.

भाषा इनपुट के साथ

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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