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नरेंद्र मोदी के पांच अहम फैसले जिसने जीवन की दिशा बदल दी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी
फाइल फोटो

नयी दिल्ली : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदार दास मोदी आज 70 साल के हो गये. 17 सितम्बर 1950 को दामोदरदास मोदी और हीराबा के घर जन्मे नरेंद्र मोदी के बचपन से जुड़ी यूं तो कई कहानियां मशहूर है लेकिन आज इस खास दिन पर हम जिक्र करेंगे उन पांच अहम फैसलों की जिसने चाय की दुकान पर अपने पिता की मदद करने वाले नरेंद्र से उन्हें देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदार दास मोदी बना दिया.

घर परिवार का मोह त्याग कर निकल पड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का सबसे बड़ा औऱ अहम फैसला था घर का त्याग करना साल 1969-70 का साल रहा होगा इसी वक्त नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन समाज को समर्पित करने का फैसला ले लिया. आरएसएस से जुड़े और समाज की सेवा में लग गये. बतौर प्रचारक उन्होंने देश के कोने- कोने में यात्रा की उनकी एक विदेश की यात्रा का भी खूब जिक्र होता है जिसमें नरेंद्र मोदी व्हाइट हाउस के बाहर खड़े नजर आ रहे हैं. व्हाइट हाउस के बाहर सलाखे की दिवार पर उनकी एक तस्वीर खूब वायरस हुई थी. जब वह सार्वजनिक जीवन में आये तो उन्होंने बतौर प्रचारक संघ जीवन की शुरुआत की. साल 1971 से संघ के प्रचारक के तौर पर उन्होंने गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में समाज सेवा का कार्य शुरू कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही कई बार अपनी हिमालय की यात्राओं का जिक्र किया है. वह इस दौरान कई साधुओं के संपर्क में रहे, घूमते रहे.

राजनीति में आने का फैसला

नरेंद्र मोदी सार्वजनिक जीवन में थे संघ से जुड़े थे और प्रचारक थे लेकिन उन्होंने साल 1986 में राजनीति में आने का फैसला लिया. यहां भी आने का उद्देश्य था पार्टी को मजबूत करना कार्यकर्ताओं से संपर्क स्थापित करना. 1984 में हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी को महज दो सीटें मिली थी, जिसमें से एक सीट गुजरात के महेसाणा की थी, जिसमें मोदी का अपना पैतृक शहर वडनगर भी आता था . मोदी पार्टी के काम में लगे तो बार अहमदाबाद नगर निगम में बीजेपी जीत दिलायी यह शुरुआत थी नरेंद्र मोदी पार्टी की मजबूती के लिए काम करते रहे और उनका पद भी बढ़ता रहा ऐसा माना जाता है कि साल 1995 मेंराज्य में बीजेपी की सरकार बनी जिसमें नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका रही.

दिल्ली गये फिर गुजरात लौटे लेकिन सीएम बनकर

जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी तो पार्टी में शंकरसिंह वाघेला की अगुआई पार्टी में विरोध हुआ. इस विरोध से नाराज होकर नरेंद्र मदोी दिल्ली चले गये और यहां पार्टी को मजबूत करते रहे, गुजरात तभी वापस लौटे जब उन्हें अक्टूबर 2001 में मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला और पार्टी को मजबूत करने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गयी. सरकार में आये तो काम करने का तरीका बदला, लक्ष्य निर्धारित किया. इस दौरान कई तरह की समस्याएं आय़ी लेकिन उन्होंने धैर्य से काम लिया साल 2002 गोधरा कांडा उनके जीवन से आज भी जुड़ा है. गुजरात में भूकंप के बाद उसे दोबारा खड़ा किया. साल 2002 में उन्होंने मणिनगर से चुनाव लड़ा जीते. इस विधानसभा क्षेत्र के लिए उन्होंने साल की शुरुआत होती ही उन्होंने विधायक कार्यालय खोला कई योजनाएं शुरू की नगर निगम के कार्यप्रणाली में सुधार लाया ,कांकरिया झील का री-डेवलपमेंट का काम किया संवेदनशील इलाकों में नये पुलिस थाने खुले.

जब केंद्र की रानजीति में शामिल होने का लिया फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में शानदार काम किया. साल 2007 में वह इसी विकास के मॉडल पर चुनाव ल़ड़े और जीते इसके बाद भी उन्होंने गुजरात में नयी योजना, नयी रणनीति से काम जारी रखा साल 2012 में फिर गुजरात में अपने काम के दम पर उन्होंने जीत हासिल कर ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्य की चर्चा दुनिया में होने लगी कई जगहों पर उनकी रणनीति की तारीफ हुई. साल 2012 में उन्होंने पार्टी में अपने काम के दम पर कद बड़ा कर लिया. केंद्र की राह में प्रधानमंत्री पहला कदम रखा जब उन्हें साल 2013 में भाजपा प्रचार अभियान का प्रमुख बनाया गया और उन्हें प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में चुन लिया गया. साल 2014 के लोकसभा चुनाव हुए गुजरात के मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री बन गये.

देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लिये गये उनके फैसले

देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम फैसले लिये जिसकी चर्चा खूब रही. जीएसटी, नोटबंदी, स्वच्छ भारत अभियान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंध में सुधार जैसे कई अहम फैसले लिये जिसका जिक्र हमेशा रहा है. विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों ने इस बात को माना कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत रिकॉर्ड गति से गरीबी को खत्म कर रहा है. इसका श्रेय केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के हित को ध्यान में रखते हुए लिए गए विभिन्न फैसलों को जाता है. दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम आयुष्मान भारत का नेतृत्व कर रहा है.

50 करोड़ से अधिक भारतीयों को कवर करते हुए आयुष्मान भारत गरीब और नव-मध्यम वर्ग को उच्च गुणवत्ता और सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर रहा है. देश की वित्तीय धारा से दूर गरीबों को वित्तीय धारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना शुरू की. ऐसी कई योजनाएं शुरू की जिससे मोदी सरकार और लोकप्रिय होती रही.

Posted By - Pankaj Kumar Pathak

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