1. home Home
  2. national
  3. farmers protest to save his son punjab chief minister captain amarinder singh sold the farmers movement delhi cm arvind kejriwal accuses captain amarinder singh kisan andolan aml

Farmers Protest: अपने बेटे को बचाने के लिए कैप्टन ने किसान आंदोलन को बेच दिया, केजरीवाल का अमरिंदर सिंह पर बड़ा आरोप

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन (Kisan Andolan) पर जमकर राजनीति हो रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) के बीच किसान आंदोलन को लेकर वाक युद्ध चरम पर है. पहले कैप्टन अमरिंदर ने केजरीवाल पर किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर पाखंड करने का आरोप लगाया. उसके बाद केजरीवाल ने कहा कि अमरिंदर सिंह ने अपने बेटे को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से बचाने के लिए किसान आंदोलन को बेच दिया है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
अरविंद केजरीवाल, सीएम दिल्ली
अरविंद केजरीवाल, सीएम दिल्ली
File Photo

Farmers Protest Kisan Andolan नयी दिल्ली : केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन (Kisan Andolan) पर जमकर राजनीति हो रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) के बीच किसान आंदोलन को लेकर वाक युद्ध चरम पर है. पहले कैप्टन अमरिंदर ने केजरीवाल पर किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर पाखंड करने का आरोप लगाया. उसके बाद केजरीवाल ने कहा कि अमरिंदर सिंह ने अपने बेटे को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से बचाने के लिए किसान आंदोलन को बेच दिया है.

अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर कहा, कैप्टन जी, मैं शुरू से किसानों के साथ खड़ा हूं. दिल्ली के स्टेडीयम जेल नहीं बनने दी, केंद्र से लड़ा. मैं किसानों का सेवादार बनके उनकी सेवा कर रहा हूं. आपने तो अपने बेटे के ED केस माफ करवाने के लिए केंद्र से सेटिंग कर ली. किसानों का आंदोलन बेच दिया? क्यों? इससे पहले कैप्टन ने केजरीवाल पर हमला बोलते हुए उनके किसानों के समर्थन को नाटक करार दिया था.

कैप्टन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल अनशन का नाटक कर रहे हैं. जबकि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 23 नवंबर को कृषि कानूनों में से एक को बेशर्मी से अधिसूचित कर किसानों के पीठ में छुरा घोंपा है और अब वे किसानों की भूख हड़ताल के समर्थन में उपवास पर बैठने की घोषणा कर नाटक कर रहे हैं. बता दें कि केजरीवाल की पार्टी पंजाब चुनाव में भी किस्मत आजमा चुकी है. और इसे भी एक राजनीतिक दांव बताया जा रहा है.

किसानों के अनशन को केजरीवाल का समर्थन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को लोगों से अपील की कि वे जहां पर हैं वहीं पर किसानों के समर्थन में उपवास रखें. उन्होंने भरोसा जताया कि अंत में किसानों की जीत होगी. मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और देश के लोगों से किसानों के आंदोलन में शामिल होने की अपील की. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘उपवास पवित्र होता है. आप जहां हैं, वहीं हमारे किसान भाइयों के लिए उपवास कीजिए. प्रभु से उनके संघर्ष की सफलता की प्रार्थना कीजिए. अंत में किसानों की अवश्य जीत होगी.'

किसानों आंदोलन के समर्थन में कई राजनीतिक पार्टियां

बता दें कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलन कर रहे हैं. किसानों के प्रदर्शन का यह तीसरा सप्ताह है. इस दौरान केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच कई स्तर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. किसानों को कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिल रहा है. पिछले दिनों किसानों के आहूत भारत बंद को भी कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला था. राजनीतिक दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बंद को सफल बना रहे थे. हालांकि किसानों से राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि वे अपने झंडों का प्रयोग उनके आंदोलन में न करें.

केंद्र के कई मंत्रियों ने भी किसानों के आंदोलन के बहाने कुछ राजनीतिक दलों पर अपनी रोटियां सेंकने का आरोप लगाया है. पिछले ही दिनों कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि किसान आंदोलन की दिशा को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है. माओवादी और लेफ्ट इसके बहाने अपनी राजनीति चमकाने में लगी है. किसानों के प्रदर्शन को लेकर सिघू बॉर्डर पिछले कई दिनों से बंद है. दिल्ली की सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है.

Posted By: Amlesh Nandan.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें