Farmers Delhi March: दिल्ली और हरियाणा की सीमाएं सील, अलर्ट मोड पर पुलिस

Edited by Pritish Sahay
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Noida: Farmers during a protest march to the national capital, in Noida, Thursday, Feb. 8, 2024. (PTI Photo)(PTI02_08_2024_000154B)

अपनी मांग के समर्थन में किसान दिल्ली मार्च के लिए तैयार हैं तो वहीं हरियाणा और दिल्ली की पुलिस उन्हें रोकने के लिए कई अवरोध लगा रही है. रास्ते में बेरिकेटिंग्स किये गये हैं. रेत की बोरियां, कंटीले तार लगाने के साथ-साथ सड़कों पर दंगा रोधी वाहनों को तैनात कर दिया गया है.

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आंदोलन करने को किसान तैयार हैं… और आंदोलन रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. किसानों के दिल्ली मार्च को लेकर हरियाणा से लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है. किसानों के 13 फरवरी को प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च से पहले हरियाणा के बाला के पास शंभू में पंजाब से लगी सीमा को सील कर दिया है. सीमा पर कंक्रीट के बैरिकेट्स, रेत की बोरियां, कंटीले तार लगाने के साथ-साथ सड़कों पर दंगा रोधी वाहनों को तैनात कर दिया गया है. प्रदर्शनकारियों को पुलिस अवरोधकों को फेंकने से रोकने के लिए घग्गर फ्लाईओवर पर सड़क के दोनों किनारों पर लोहे की चादर लगाई गई है. पानी की बौछार करने वाले वाहन तथा वज्र वाहनों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही, घग्गर नदी के तल की भी खुदाई की गई है ताकि पैदल इसे पार न किया जा सके.

किसानों के दिल्ली कूच की मुहिम को रोकने के लिए हरियाणा के जींद और फतेहाबाद में भी सीमाओं को सील किया जा रहा है. किसानों को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किये गये हैं. फतेहाबाद जिले में पुलिस ने पंजाब के प्रदर्शनकारियों को दिल्ली की ओर बढ़ने से रोकने के लिए जाखल इलाके में सड़क पर कंक्रीट के अवरोधक लगाये हैं और कील वाली पट्टियां भी बिछा रखी हैं. वहीं किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस भी कमर कसी हुई है. दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा खुद दिल्ली मार्च  से पहले सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए टिकरी बॉर्डर पहुंचे.

सात जिलों में इंटरनेट सेवा बंद
किसानों के दिल्ली मार्च के दौरान शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए  हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सात जिले अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में 11 से 13 फरवरी तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और बल्क एसएमएस पर बैन कर दिया है. वहीं, किसान दिल्ली मार्च के लिए पूरी तरह तैयार है. किसानों का जत्था 13 फरवरी को दिल्ली मार्च में शामिल होने बठिंडा से दिल्ली के लिए रवाना हुआ है. हालांकि इस बीच केंद्र ने 12 फरवरी को किसानों की मांगों पर चर्चा के लिए एक और बैठक आयोजित किया है जिसमें किसानों को भी आमंत्रित किया है.

क्या है किसानों की मांग
दरअसल संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान संघों की ओर से दिल्ली चलो की घोषणा की थी, ताकि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के वास्ते कानून बनाने सहित कई मांगों को स्वीकार करने को लेकर केंद्र पर दबाव डाला जा सके. किसानों की योजना अंबाला-शंभू सीमा, खनौरी-जींद और डबवाली सीमा से दिल्ली जाने की है. किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए अंबाला और कैथल जिलों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. पांच या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है. पुलिस गांवों के सरपंचों और खाप पंचायतों के साथ भी बैठकें कर रही है और उन्हें मार्च में भाग न लेने के लिए कह रही है. भाषा इनपुट के साथ

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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