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Farmer Protest: इन मांगों के साथ फिर बातचीत के लिए टेबल पर बैठेंगे किसान, बोले पंढ़ेर- पीएम मोदी करें बात

Updated at : 15 Feb 2024 9:50 PM (IST)
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Farmer Protest: इन मांगों के साथ फिर बातचीत के लिए टेबल पर बैठेंगे किसान, बोले पंढ़ेर- पीएम मोदी करें बात

Patiala: Farmers gather at the Punjab-Haryana Shambhu border during their 'Delhi Chalo' march, in Patiala district, Wednesday, Feb. 14, 2024. (PTI Photo)(PTI02_14_2024_000330A)

आंदोलन के बीच किसान नेताओं ने जानकारी दी कि बातचीत के लिए सरकार की ओर से चिट्ठी मिली है, जिसके लिए वो तैयार हैं. यहां चर्चा कर दें कि सैकड़ों की संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर जमे हुए हैं. जानें ताजा अपडेट

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किसान आंदोलन को लेकर आज अहम बातचीत होने वाली है जिसपर सबकी नजर बनी हुई है. इस बीच, पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढ़ेर ने कहा है कि हम पूरी तरह सकारात्मक मइंड के साथ हैं. बैठक से हमें काफी उम्मीद है. हमें पूरा विश्वास है कि बैठक से कोई पॉजिटिव चीज ही निकलकर सामने आएगी. आगे उन्होंने कहा कि आज हमारी मंत्रियों के साथ बैठक है और हम चाहते हैं कि पीएम मोदी उनसे बातचीत करें ताकि हम अपनी मांगों के समाधान तक पहुंच सकें. हमें दिल्ली में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

किसानों की मांगें आखिर क्या हैं जानें

  • सभी फसलों की खरीद के लिए एमएसपी गारंटी कानून केंद्र सरकार के द्वारा बनाया जाए.

  • डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से फसलों की कीमत तय हो. यही नहीं सभी फसलों के उत्पादन की औसत लागत से पचास फीसदी ज्यादा एमएसपी किसानों को दी जाए.

  • किसान और खेत में काम करने वाले मजदूरों का ऋण माफ किया जाए.

  • किसानों को प्रदूषण कानून से बाहर रखने के संबंध में मांग किसान कर रहे हैं.

  • 60 साल से ज्यादा उम्र के किसानों को पेंशन देने की मांग किसानों की है.

  • भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 दोबारा लागू करने की मांग किसानों की है.

  • लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा देने की मांग, साथ ही आरोपियों की जमानत रद्द करने के संबंध में ठोस आश्वासन किसान चाहते हैं.

Also Read: Farmers Protest: सरकार और किसान नेताओं के बीच आज होगी तीसरे दौर की बातचीत, केंद्र के रवैये पर उठाया सवाल
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  • मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाने की मांग किसानों की है.

  • विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए.

  • यूपीए सरकार के द्वारा लाए गये मनरेगा में हर साल 200 दिन का काम दिया जाए, साथ ही 700 रुपये मजदूरी दी जाए.

  • किसान आंदोलन में मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा के साथ-साथ सरकारी नौकरी देने की मांग किसान कर रहे हैं.

  • नकली बीज, कीटनाशक दवाइयां और खाद वाली कंपनियों पर शिकंजा कसा जाए और कड़ा कानून बनाया जाए.

  • फसल बीमा सरकार खुद करे.

  • मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन करने की मांग.

  • संविधान की 5वीं सूची को लागू की जाए ताकि आदिवासियों की जमीन की लूट बंद हो.

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दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर किसान आंदोलन लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी देखने को मिला. सुरक्षाकर्मियों के साथ किसानों की झड़प हुई. इसके बाद खबर आई कि किसान संगठन और केंद्र सरकार के बीच गुरुवार तीसरे दौर की बातचीत होगी. बैठक शाम 5 बजे रखी गई है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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