Farmer Protest: किसान आंदोलन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सोमवार को होगी सुनवाई, नेशनल हाईवे खोलने की उठी मांग

Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Dec 2024 12:31 AM

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Farmer Protest

Farmer Protest: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन मामले पर सुनवाई होनी है. किसान आंदोलन के बीच एक याचिका पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. याचिका में विभिन्न नेशनल हाईवे को खोले जाने की मांग की गई है.

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Farmer Protest: शंभू बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर किसान डटे हुए हैं. किसान लगातार दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं. रविवार को उन्होंने एक बार फिर दिल्ली मार्च की कोशिश की थी, हालांकि बाद में उसे स्थगित कर दिया. इस बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन मामले पर सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में शंभू बॉर्डर समेत सभी हाईवे को खोलने की अपील की गई है. सुप्रीम कोर्ट कल (9 दिसंबर) को इस मामले में सुनवाई करेगा.

बॉर्डर बंद करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन- गौरव लूथरा

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है कि कोर्ट केंद्र समेत पंजाब और हरियाणा सरकार को हाईवे खोलने का आदेश दें, और राष्ट्रीय राजमार्गों को खाली किया जाये. बीते सात नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. याचिका देने वाले गौरव लूथरा का कहना है कि सीमा बंद करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. कल यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई होनी है.

किसानों ने एक और दिन रद्द किया दिल्ली चलो मार्च

इधर, किसानों ने रविवार को एक और दिन के लिए दिल्ली चलो मार्च रद्द कर दिया है. इससे पहले आज यानी रविवार को किसानों एक बार फिर दिल्ली में दाखिल होने की पूरी कोशिश की, लेकिन सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें रोक दिया. शंभू बॉर्डर पर गहमागहमी में पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े. वहीं किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि एक किसान घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. किसानों ने कहा कि बैठक कर हम आगे की रणनीति तय करेंगे.

किसानों पर पहले बरसाए फूल, फिर दागे आंसू गैस के गोले

शंभु बॉर्डर पर डटे किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले उन पर फूल बरसाये, जब इसके बाद भी किसान दिल्ली जाने पर अड़े रहे तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस की गोलियां दागे. शंभु बॉर्डर पर जमे किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया को बताया कि हमने पहले ही सूचना दे दी थी कि हमारे 101 किसानों का जत्था दिल्ली जाएगा. हमने पहले ही सूची जारी कर दी थी. इसके बाद भी पुलिस हमे रोक रही है.

पीएम मोदी के पास है हमारी समस्या का समाधान

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमें दिल्ली जाने से रोका जा रहा है, जबकि हमारी जो समस्या है उसका समाधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है. उन्होंने कहा कि केंद्र को तय करना है कि हमारी समस्याओं का हल करेंगे या हमें दिल्ली मार्च के लिए मजबूर करेंगे. किसान नेता ने कहा कि हम किसी भी तरह के बलिदान के लिए तैयार हैं. बता दें, किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कीमत, किसानों की कर्ज माफी, आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. 

किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च रद्द, पुलिस ने पहले बरसाया फूल, फिर दागे आंसू गैस के गोले

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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