Farm Laws Repealed: 'शहद से भी मीठा बोल रहे हैं पीएम मोदी', किसानों की बैठक से पहले राकेश टिकैत ने कही ये बात

**EDS: FILE IMAGE** New Delhi: In this Monday, Jan. 4, 2021 file photo Bharatiya Kisan Union (BKU) Spokesperson Rakesh Tikait along with farmers leaders leaves from Vigyan Bhawan after the seventh round of talks between the farmer leaders and the Centre, in New Delhi. Prime Minister Narendra Modi, in an address to the nation Friday, Nov 19, 2021, announced that the three contentious farm laws will be repealed. (PTI Photo/ Arun Sharma)(PTI01_04_2021_000162B)(PTI11_19_2021_000037B)
Farm Laws Repealed : टिकैत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को इतना मीठा भी नहीं होना चाहिए. 750 किसान शहीद हुए, 10 हजार मुकदमे दर्ज किये गये हैं. हम बिना बातचीत के कैसे चले जाएं.
Farm Laws Repealed : कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद किसान संगठनों की आज अहम बैठक होने जा रही है. बैठक में आगे की रणनीति तैयार करने के लिए किसान बातचीत करेंगे. बैठक में देश के 32 किसान संगठन भाग लेंगे. इस बीच सबसे मन में ये बड़ा सवाल उठ रहा है कि किसानों का धरना कब खत्म होगा? किसान नेता राकेश टिकैत किसान नेता राकेश टिकैत ने न्यूज चैनल आजतक से बात करते हुए कहा है कि सरकारी टीवी से घोषणा की गई है. यदि हमें बातचीत करनी पड़े तो किससे करेंगे?
इतना ही नहीं टिकैत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को इतना मीठा भी नहीं होना चाहिए. 750 किसान शहीद हुए, 10 हजार मुकदमे दर्ज किये गये हैं. हम बिना बातचीत के कैसे चले जाएं. कटाक्ष करते हुए किसान नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने इतनी मीठी भाषा का उपयोग किया कि शहद को भी फेल कर दिया है. हलवाई को तो ततैया भी नहीं डंक मारता है. वह ऐसे ही वह ऐसे ही मक्खियों को उड़ाता रहता है.
गाज़ीपुर बॉर्डर पर न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि MSP भी एक बड़ा सवाल है, उस पर भी क़ानून बन जाए, क्योंकि किसान जो फसल बेचता है उसे वह कम कीमत पर बेचता है, जिससे बड़ा नुक़सान होता है. अभी बातचीत करेंगे, यहां से कैसे जाएंगे. अभी बहुत से क़ानून सदन में है, उन्हें फिर ये लागू करेंगे. उन्होंने कहा कि उसपर हम बातचीत करना चाहते हैं. आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक है. जो भी उसमें निर्णय लिया जाएगा उसके बाद ही हम कोई बयान देंगे.
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की. प्रधानमंत्री मोदी के इस फैसले से किसानों में जश्न का माहौल है. दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर और दिल्ली-हरियाणा सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने जलेबी व अन्य मिठाइयां बांट कर अपनी जीत का जश्न मनाया. इन दोनों बॉर्डरों पर नये कृषि कानून के खिलाफ किसान 26 नवंबर, 2020 से प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री की घोषणा का किसानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया है, लेकिन उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी को लेकर कानून बनाये जाने की मांग पूरी होने का अब भी इंतजार है.
Also Read: Farm Laws: कृषि कानून वापस लेने का यूपी और पंजाब में कितना पड़ेगा असर? जानें क्या कहते हैं जानकार
प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि संसद में इन कानूनों को रद्द नहीं कर दिया जाता और उनकी अन्य मांगें नहीं मान ली जातीं. आंदोलनकारियों ने कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीते एक वर्ष से उनका घर बन चुके प्रदर्शन स्थलों को खाली नहीं किया जायेगा. किसानों ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून लागू करने की मांग की है.
सिंघू बॉर्डर पर जश्न मना रहे कीर्ति किसान यूनियन से जुड़े हरमेश सिंह धासी ने कहा कि कानून संसद में पारित हुए थे और निरस्त भी वहीं पर होंगे. हम भी अपने-अपने घरों को जाना चाहते हैं. सरकार जिस दिन इन कानूनों को निरस्त कर देगी, हम घर चले जायेंगे. हम एमएसपी पर किसी तरह की समिति नहीं चाहते हैं. राज्य और केंद्र के स्तर पर पहले ही कई समितियां हैं. हम एमएसपी पर गारंटी चाहते हैं.
Posted By : Amitabh Kumar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




