ePaper

VVPAT: सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

Updated at : 18 Apr 2024 4:47 PM (IST)
विज्ञापन
VVPAT: सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

Supreme-Court/ File Photo

EVM-VVPAT Case: पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की आलोचना और मतपत्रों को वापस लाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की थी. इस दौरान कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी.

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम वोटों की वीवीपैट पर्चियों से 100 फीसदी सत्यापन की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. वर्तमान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच रैंडमली चयनित ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों का सत्यापन किया जाता है. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम (EVM) के वोटों और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्चियों के मामले को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से वकील प्रशांत भूषण के इस आरोप पर गौर करने को कहा कि केरल के कासरगोड में एक मॉक पोल के दौरान चार ईवीएम में बीजेपी के लिए एक अतिरिक्त वोट रिकॉर्ड हो रहा था. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि यह चुनावी प्रक्रिया है और इसमें सब कुछ स्पष्ट होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि किसी को भी यह आशंका नहीं होनी चाहिए कि जो कुछ अपेक्षित है वह नहीं किया जा रहा है.

आपको बता दें कि इससे पहले मामले पर 16 अप्रैल को सुनवाई हुई थी. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि ईवीएम और VVPAT में लगने वाली चिप को प्रोग्राम किया जा सकता है. मशीनों में छेड़छाड़ की जा सकती है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

ईवीएम की आलोचना से सुप्रीम कोर्ट नाराज

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की आलोचना और मतपत्रों को वापस लाने की मांग पर नाराजगी जाहिर की थी. कोर्ट की ओर से कहा गया था कि भारत में चुनावी प्रक्रिया एक बहुत बड़ा काम है. तंत्र को कमजोर करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि कैसे चुनाव परिणामों में हेरफेर करने के लिए मतपत्र के दौर में मतदान केंद्रों को कब्जा लिया जाता था.

Read Also : EVM-VVPAT की 100 फीसदी मिलान वाली अर्जी पर 18 अप्रैल को होगी सुनवाई

केस से जुड़ी खास बातें

  • जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ADR सहित अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही है.
  • याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण, गोपाल शंकरनारायण और संजय हेगड़े ने पैरवी करते नजर आ रहे हैं.
  • वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से पेश हुए.
  • वीवीपैट पर्चियों की 100% वेरिफिकेशन को लेकर एक्टिविस्ट अरुण कुमार अग्रवाल ने याचिका दाखिल की है. यह याचिका अगस्त 2023 में लगाई गई थी.

वीवीपैट होता क्या है जानें

‘वीवीपैट’ की बात करें तो यह स्वतंत्र रूप से वोट का सत्यापन करने की एक प्रणाली है. इसके माध्यम से वोटर यह देखने में सक्षम हो पाता है कि उसने जो वाट दिया वो उसी उम्मीदवार को गया या नहीं…प्रणाली में एक मशीन लगी रहती है जिससे कागज की पर्ची निकलती है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola