Electoral Bond : चुनावी बांड मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे वकील प्रशांत भूषण, एसबीआई ने मांगा है समय
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Mar 2024 6:55 AM
Electoral Bond
Electoral Bond : एसबीआई ने राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए चुनावी बांड का विवरण अब तक साझा नहीं किया है. मामले को लेकर वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
Electoral Bond : लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी बांड स्कीम का मामला गरमाता नजर आ रहा है. राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने के लिए और समय मांगने के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कदम के खिलाफ एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जानकारी के अनुसार, कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है. शीर्ष कोर्ट ने एनजीओ को लीड कर रहे वकील प्रशांत भूषण से ई-मेल भेजने को कहा है, साथ ही 11 मार्च को अवमानना याचिका सूचीबद्ध करने का आश्वासन भी दिया है.
क्या कहा गया है एसबीआई की ओर से
आपको बता दें कि एसबीआई ने राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए चुनावी बांड का विवरण अब तक साझा नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को 6 मार्च तक निर्वाचन आयोग को विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, हालांकि बैंक की ओर से वक्त मांगा गया है. विवरण का खुलासा करने के लिए 30 जून तक समय देने का अनुरोध बैंक की ओर से किया गया है. कोर्ट के समक्ष दायर एक आवेदन में, स्टेट बैंक ने यह दलील दी कि ‘‘प्रत्येक साइलो’’ से जानकारी फिर से प्राप्त करना और एक ‘साइलो’ की जानकारी को दूसरे से मिलाने की प्रक्रिया में वक्त लगेगा. इसलिए उसे 30 जून तक का समय दिया जाए.
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याचिका अब तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं
खबरों की मानें तो स्टेट बैंक की याचिका अब तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं की गई है. सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर चल रही है कि निर्वाचन आयोग के साथ कोई विवरण साझा नहीं किया गया है. मामले को लेकर लगातार विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी नहीं चाहती कि चुनावी बांड खरीदने वालों के नाम सामने आएं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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