कोरोना वैक्सीन की नहीं होगी कमी, साल के अंत तक देश में उलपब्ध होंगे आठ कंपनियों के वैक्सीन

देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच सरकार यह प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करा दिया जाये. इसके लिए सरकार का प्लान है कि अधिक मात्रा में वैक्सीन की अनुमति दी जाए. इसे लेकर नीती आयोग के सदस्य स्वासथ्य वी के पॉल ने एक योजना तैयार की है कि जिसके तहत इस साल के अंत तक भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ आठ कंपनियों के टीके देश में उपलब्ध रहेंगे.
देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच सरकार यह प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करा दिया जाये. इसके लिए सरकार का प्लान है कि अधिक मात्रा में वैक्सीन की अनुमति दी जाए. इसे लेकर नीती आयोग के सदस्य स्वासथ्य वी के पॉल ने एक योजना तैयार की है कि जिसके तहत इस साल के अंत तक भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ आठ कंपनियों के टीके देश में उपलब्ध रहेंगे.
जब से दुनिया के समक्ष कोरोना वायरस की समस्या आयी है तब से पूरे विश्व में 100 से अधिक कंपनियां कोरोना वैक्सीन के निर्माण में लग गयी थी. कई कंपनियों के टीके बाजार में आ गये और कई कंपनियों के अभी भी ट्रायल चल रहे हैं. Covid-19 Vaccine Tracker के मुताबिक फिलहाल 115 कंपनियां वैक्सीन का ट्रायल कर रही हैं और 14 वैक्सीन को इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है.
ऐसे में भारत सरकार ने वैक्सीन के उत्पाद को बढ़ाने के लिए Biologocal E, Zydus Cadila, सीरम इंस्टच्यूट ऑफ इंडिया की Novavax, भारत बॉयोटेक की नेजल वैक्सीन, Gennova और स्पूतनिक वी के आपातकालिल इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.
वीके पॉल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर बड़े कदम उठाये जा रहे हैं. नेशनल वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए 216 करोड़ वैक्सीन के डोज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. अगस्त से दिसंबर के बीच इतनी बड़ी में देश में वैक्सीन का उत्पादन किया जाएगा. ताकि देश की पूरी आबादी का टीकाकरण किया जा सके.
साल के अंत तक देश में उपलब्ध होने वाले वैक्सीन और उनके निर्माता
कोवैक्सीन: भारत बायोटेक, नेशनल इंस्टच्यूट ऑफ वायरोलॉजी और आईसीएमआर ने इसे बनाया था. यह 78 फीसदी असरदार है. दिसबंर के अंतक तक वैक्सीन के 55 करोड़ डोज उपलब्ध रहेंगे.
Biological E: हैदराबाद की फार्मा कंपनी बॉयोलॉजिकल इ लिमिटेड को BECOV2A के आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली है. कंपनी को उम्मीद है कि अगस्त से दिसंबर के बीच 30 करोड़ वैक्सीन के डोज का उत्पादन करेगी.
कोविशील्ड: वर्तमान में इस वैक्सीन का इस्तेमाल वैक्सीनेशन के लिए हो रहा है. यह काफी असरदार मानी जा रही है. सीरम इंस्टच्यूट ऑफ इंडिया अगस्त से दिसंबर तक इस वैक्सीन के 75 करोड़ डोज का उत्पादन करेगी.
इनके अलावा रूस की स्पूतनिक वी के 15.6 करोड़ डोज, अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की ZyCoV-D के पांच करोड़ डोज, Novavax के 20 करोड़ डोज, जेनोवा के 6 करोड़ डोज और इंट्रानेजल के 10 करोड़ डोज उपलब्ध रहेंगे.
Posted By: Pawan Singh
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