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विपक्षी एकता की बैठक के बीच तमिलनाडु में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मंत्री के घर मारा छापा, 70 लाख कैश बरामद

Updated at : 17 Jul 2023 10:06 PM (IST)
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विपक्षी एकता की बैठक के बीच तमिलनाडु में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मंत्री के घर मारा छापा, 70 लाख कैश बरामद

राज्यपाल आर एन रवि पहले से ही चुनाव प्रचार में जुट गये हैं. अब जांच एजेंसी ईडी (चुनाव परिदृश्य) भी इसमें शामिल हो गयी है. मुझे लगता है कि ऐसे में हमारे लिए चुनाव का काम आसान हो जाएगा. ईडी का कर्रवाई पर जानें क्या बोले स्टालिन

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जहां एक ओर बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक चल रही है. वहीं दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी,ED) ने कथित अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता और तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी तथा उनके बेटे एवं सांसद गौतम सिगमनी के परिसरों पर छापेमारी की. ताजा जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारी तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमुडी को पूछताछ के लिए चेन्नई ले गये.

सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है उसके अनुसार, ईडी ने मंत्री के परिसर से करीब 70 लाख रुपये और कुछ पौंड बरामद किये हैं. तलाशी के दौरान पिता-पुत्र के बयान भी दर्ज करने की खबर आज सुबह आयी थी. आपको बता दें कि तमिलनाडु के परिवहन मंत्री सेंथिल बालाजी के बाद पोनमुडी (72)मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के मंत्रिमंडल के दूसरे मंत्री हैं, जो जांच एजेंसी के दायरे में आये हैं. इससे पहले जून में बालाजी को कथित नौकरी के बदले नकद धन राशि से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था.

ईडी ‘चुनाव अभियान’ में शामिल

सूत्रों ने बताया कि राजधानी चेन्नई के अलावा पोनमुडी के गढ़ विल्लुपुरम में परिसरों पर तलाशी ली गयी है. वहीं, सत्तारूढ़ द्रमुक ने छापेमारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सशस्त्र जवानों की मौजूदगी में ईडी ने कार्रवाई की और कुछ दस्तावेज भी जब्त किये. उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी विल्लुपुरम जिले की तिरुक्कोयिलुर विधानसभा सीट से विधायक हैं, जबकि उनके बेटे सिगमनी लोकसभा में कल्लाकुरिची सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. छापेमारी पर प्रतिक्रिया द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने दी. उन्होंने कहा कि ईडी ‘चुनाव अभियान’ में शामिल हो चुकी है.

छापेमारी पर स्टालिन ने क्या कहा

कांग्रेस की ओर बुलायी गयी विपक्ष की बैठक में बेंगलुरु रवाना होने से पहले स्टालिन ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि दिवंगत जे जयललिता के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सरकार में 13 साल पहले पोनमुडी के खिलाफ यह ‘झूठा मामला’ दर्ज किया गया था. जहां तक तमिलनाडु का सवाल है, राज्यपाल आर एन रवि पहले से ही चुनाव प्रचार में जुट गये हैं. अब जांच एजेंसी ईडी (चुनाव परिदृश्य) भी इसमें शामिल हो गयी है. मुझे लगता है कि ऐसे में हमारे लिए चुनाव का काम आसान हो जाएगा.

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ईडी की छापेमारी पर छापेमारी पर प्रतिक्रिया द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि द्रमुक जरा भी चंतित नहीं है. यह ध्यान भटकाने के लिए रचाया गया ‘नाटक’ है.

क्या है मामला

बताया जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2007 से 2011 बीच बरती गयी कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जब पोनमुडी तमिलनाडु के खनन मंत्री के पद पर काबिज थे. उन पर खदान लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के आरोप लगे थे और इससे सरकारी खजाने को लगभग 28 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया था. राज्य पुलिस ने मंत्री और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के इन आरोपों की जांच के लिए एक शिकायत दर्ज कराने का काम किया था. इसके बाद सिगमनी ने राहत के लिए मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन जून में अदालत ने सुनवाई पर रोक से इनकार कर दिया था.

खनन/खदान लाइसेंस से जुड़ा मामला

मंत्री पर अपने बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए खनन/खदान लाइसेंस प्राप्त करने और लाइसेंसधारियों पर तय सीमा से अधिक बालू के उत्खनन करने का आरोप है. द्रमुक प्रवक्ता ए सरवनन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है और इसका उद्देश्य द्रमुक के संकल्प को तोड़ने का प्रयास करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि गुटखा घोटाले जैसे भ्रष्टाचार के मामलों में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के नेताओं के खिलाफ केंद्रीय अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

पहले भी की गयी है कार्रवाई

यदि आपको याद हो तो जांच एजेंसी ईडी ने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के मंत्रिमंडल के एक अन्य मंत्री सेंथिल बालाजी पर भी इसी तरह की कार्रवाई की थी. इससे पहले, परिवहन मंत्री सेंथिल बालाजी को कथित नौकरी के बदले नकद धन राशि से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. स्टालिन और द्रमुक ने कुछ समय पहले बालाजी पर की गयी ईडी की कार्रवाई को भी केंद्र की ‘डराने-धमकाने की राजनीति’ करार दिया था.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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