Doda Encounter: 'घर में घुस कर मारेंगे', चार जवानों की शहादत पर राहुल गांधी और ओवैसी ने मोदी सरकार को घेरा

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 16 Jul 2024 5:41 PM

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Rahul Gandhi Asaduddin Owaisi

Doda Encounter: जम्मू-कश्मीर के डोडा में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक कैप्टन समेत सेना के चार जवान शहीद हो गए.

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Doda Encounter: डोडा मुठभेड़ में चार जवानों की शहादत पर जहां देश में शोक की लहर है, वहीं विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की मोदी सरकार पर आतंकवादी हमले को लेकर निशाना साधा.

हम घर में घुस कर मारेंगे’. फिर यह क्या हो रहा है? : ओवैसी

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी कहते थे ‘हम घर में घुस कर मारेंगे’. फिर यह क्या हो रहा है? यह सरकार की विफलता है. वे आतंकवाद को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं. डोडा में जो कुछ भी हुआ है वह बहुत खतरनाक है.

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चूक की पूरी जवाबदेही सरकार ले और कड़ी कार्रवाई करे

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डोडा मुठभेड़ को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला किया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डाला और लिखा, आज जम्मू कश्मीर में फिर से एक आतंकी मुठभेड़ में हमारे जवान शहीद हो गए. शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों को गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. एक के बाद एक ऐसी भयानक घटनाएं बेहद दुखद और चिंताजनक है.

बीजेपी की गलत नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हमारे जवान

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, लगातार हो रहे ये आतंकी हमले जम्मू कश्मीर की जर्जर स्थिति बयान कर रहे हैं. भाजपा की गलत नीतियों का खामियाजा हमारे जवान और उनके परिवार भुगत रहे हैं. राहुल ने कहा, हर देशभक्त भारतीय की यह मांग है कि सरकार बार-बार हो रही सुरक्षा चूकों की पूरी जवाबदेही ले कर देश और जवानों के गुनहगारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे. दुख की इस घड़ी में पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता से खड़ा है.

महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्र सरकार पर बोला हमला

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, देश भर से सैनिक अपनी ड्यूटी के लिए कश्मीर आते हैं, लेकिन ताबूतों में वापस जाते हैं. अगर आप कहते हैं कि घाटी में आतंकवाद खत्म हो गया है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? पिछले 32 महीनों में, खासकर जब से इस डीजीपी की नियुक्ति हुई है, सबसे ज्यादा हताहत हुए हैं. आप लोग सीमाओं की रक्षा करते हैं. तो घुसपैठ रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह क्षेत्रीय दलों की जिम्मेदारी है? आपका नैरेटिव 6 साल से चल रहा है, आपको क्या हासिल हुआ? आपको उत्तरी कश्मीर में बड़ा झटका लगा है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, कोई जवाबदेही नहीं है. अब तक तो सभी के खिलाफ कार्रवाई हो जानी चाहिए थी. डीजीपी को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था. पिछले 32 महीनों में करीब 50 सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है.

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लेखक के बारे में

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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