Delhi Pollution: ‘बच्चे खांस रहे हैं, स्कूल नहीं जा पा रहे’; दिल्ली की हवा हुई जहरीली तो माताओं ने कर दी ऐसी डिमांड

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Children play football

वायु प्रदूषण के बीच खेलने को मजबूर बच्चे

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता और भी खराब हो गई. AQI 421 पर पहुंच गया. इधर प्रदूषण की स्थिति और भी खराब होते देख दिल्ली की माताओं ने अपने बच्चों के स्वस्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा.

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Delhi Pollution: दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहा, तो कहीं-कहीं पर श्रेणी बहुत खराब रहा. रिपोर्ट के अनुसार आनंद विहार में AQI 298 दर्ज किया गया. वहीं अलीपुर का 258, अशोक विहार 404, चांदनी चौक 414, द्वारका सेक्टर – 8 का 407, आईटीओ 312, मंदिर मार्ग 367, ओखला फेज -2 में 382, पटपड़गंज 378, पंजाबी बाग 403, आरके पुरम 421, लोधी रोड़ 364, रोहिणी 415, और सिरीफोर्ट 403 दर्ज किया गया.

दिल्ली प्रदूषण पर माताओं ने जताई चिंता, स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखी चिट्ठी

दिल्ली में बढ़ते वायू प्रदूषण पर माताओं ने गंभीर चिंता व्यक्त की है. माताओं के एक नेटवर्क वॉरियर मॉम्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को एक पत्र लिखा है और 48 घंटे के अंदर एक्शन लेने के लिए आग्रह किया है. वॉरियर मॉम्स ने स्वास्थ्य मंत्रालय से एक एडवाइजरी जारी करने के लिए आग्रह किया है. उनकी चिंता है कि बच्चे खतरनाक हवा में दौड़ लगा रहे हैं. छोटे बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. ICU फिर से भर रहे हैं. इसके बावजूद कोई मार्गदर्शन नहीं, कोई चेतावनी नहीं, कोई चिंता नहीं.

वॉरियर मॉम्स ने प्रदूषण को लेकर क्या की है मांग?

  • बच्चों को घर के अंदर कब रहना चाहिए, इसके ��िए स्पष्ट AQI सीमाएं (AQI > 200/300).
  • बच्चों के लिए सुरक्षित मास्क (N95/FFP2) के बारे में जानकारी.
  • तत्काल देखभाल की आवश्यकता वाले रेड फ्लेग वाले लक्षण.
  • SMS, स्कूलों और स्वास्थ्य ऐप्स के माध्यम से अलर्ट.
  • चिकित्सकों को आधिकारिक तौर पर सलाह दी जानी चाहिए कि वे हर नियमित जांच के दौरान बच्चों में प्रदूषण से जुड़े अस्थमा, घरघराहट और फेफड़ों की जांच करें.
  • अस्पतालों और क्लीनिकों में वायु-गुणवत्ता संबंधी चेतावनियां और स्वास्थ्य सुझाव दिया जाना चाहिए.
  • प्रिस्क्रिप्शन और ओपीडी पर्चियों पर रियल टाइम AQI की जानकारी दी जानी चाहिए.
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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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