Delhi Blast : 9MM का कारतूस, लाल किला धमाके में जांच अधिकारियों को मिले अहम सबूत

Updated at : 16 Nov 2025 10:18 AM (IST)
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Red Fort Car Blast Site

लाल किला कार विस्फोट स्थल (Photo: PTI)

Delhi Blast : 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास कार में विस्फोट हुआ. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए. इस भयानक धमाके से पूरा इलाका दहशत में आ गया. जांच अधिकारी अभी भी मलबा और नुकसान के बारे में जानकारी इकठ्ठा कर रहे हैं. मामले में एक बड़ी बात सामने आई है.

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Delhi Blast : दिल्ली पुलिस को लाल किले के पास हुए कार धमाके वाली जगह से तीन 9mm कारतूस मिले हैं. सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे वेबसाइट ने खबर प्रकाशित की है. जानकारी के अनुसार, इनमें से दो कारतूस जिंदा हैं, जबकि तीसरा खाली खोल है. इस धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. पुलिस इन बरामद कारतूसों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर आगे की जांच कर रही है. 9mm के कारतूस आमतौर पर सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि मौके से कोई पिस्तौल या हथियार का हिस्सा नहीं मिला. इससे यह सवाल उठ रहा है कि ये कारतूस वहां कैसे पहुंचे?

पुलिस ने वहां मौजूद अपने जवानों को जारी किए गए कारतूसों की भी जांच की. सभी कारतूस पूरे मिले और कोई भी गायब नहीं था. इससे यह साफ हो गया कि घटनास्थल पर मिले 9mm कारतूस ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के नहीं थे. इस बीच, सीसीटीवी तस्वीरें लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा फुटेज में आरोपी उमर एक मोबाइल की दुकान पर नजर आ रहा है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

आरोपी की मां का करवाया गया डीएनए टेस्ट

अधिकारियों ने बताया कि धमाके वाली जगह से मिले डीएनए की जांच उमर की मां के डीएनए से मिल गई. इससे यह पुष्टि हो गई कि उमर ही धमाके में शामिल था और उसकी पहचान आधिकारिक रूप से साबित हो गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने दिल्ली–एनसीआर के कई जिलों, हाईवे और चेकपोस्ट के 5,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जोड़कर यह पूरा रूट तैयार किया. इसे पता चला कि उमर आखिर लाल किले तक कैसे पहुंचा?

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अधिकारियों का मानना है कि लाल किले मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास हुआ धमाका किसी हाई-ग्रेड विस्फोटक से हुआ था. फोरेंसिक टीम को मौके से एक ऐसा नमूना मिला है जो अमोनियम नाइट्रेट से भी खतरनाक पाया गया. एफएसएल टीम ने वहां से 40 से ज्यादा सबूत जुटाए हैं, जिनमें कारतूस, जिंदा राउंड और विस्फोटक के अवशेष शामिल हैं.

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Amitabh Kumar

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By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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