Delhi Blast : 9MM का कारतूस, लाल किला धमाके में जांच अधिकारियों को मिले अहम सबूत

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Red Fort Car Blast Site

लाल किला कार विस्फोट स्थल (Photo: PTI)

Delhi Blast : 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास कार में विस्फोट हुआ. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए. इस भयानक धमाके से पूरा इलाका दहशत में आ गया. जांच अधिकारी अभी भी मलबा और नुकसान के बारे में जानकारी इकठ्ठा कर रहे हैं. मामले में एक बड़ी बात सामने आई है.

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Delhi Blast : दिल्ली पुलिस को लाल किले के पास हुए कार धमाके वाली जगह से तीन 9mm कारतूस मिले हैं. सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे वेबसाइट ने खबर प्रकाशित की है. जानकारी के अनुसार, इनमें से दो कारतूस जिंदा हैं, जबकि तीसरा खाली खोल है. इस धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. पुलिस इन बरामद कारतूसों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर आगे की जांच कर रही है. 9mm के कारतूस आमतौर पर सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि मौके से कोई पिस्तौल या हथियार का हिस्सा नहीं मिला. इससे यह सवाल उठ रहा है कि ये कारतूस वहां कैसे पहुंचे?

पुलिस ने वहां मौजूद अपने जवानों को जारी किए गए कारतूसों की भी जांच की. सभी कारतूस पूरे मिले और कोई भी गायब नहीं था. इससे यह साफ हो गया कि घटनास्थल पर मिले 9mm कारतूस ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के नहीं थे. इस बीच, सीसीटीवी तस्वीरें लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा फुटेज में आरोपी उमर एक मोबाइल की दुकान पर नजर आ रहा है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

आरोपी की मां का करवाया गया डीएनए टेस्ट

अधिकारियों ने बताया कि धमाके वाली जगह से मिले डीएनए की जांच उमर की मां के डीएनए से मिल गई. इससे यह पुष्टि हो गई कि उमर ही धमाके में शामिल था और उसकी पहचान आधिकारिक रूप से साबित हो गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने दिल्ली–एनसीआर के कई जिलों, हाईवे और चेकपोस्ट के 5,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जोड़कर यह पूरा रूट तैयार किया. इसे पता चला कि उमर आखिर लाल किले तक कैसे पहुंचा?

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अधिकारियों का मानना है कि लाल किले मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास हुआ धमाका किसी हाई-ग्रेड विस्फोटक से हुआ था. फोरेंसिक टीम को मौके से एक ऐसा नमूना मिला है जो अमोनियम नाइट्रेट से भी खतरनाक पाया गया. एफएसएल टीम ने वहां से 40 से ज्यादा सबूत जुटाए हैं, जिनमें कारतूस, जिंदा राउंड और विस्फोटक के अवशेष शामिल हैं.

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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]

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