रक्षा मंत्रालय ने शीर्ष स्तरीय तटरक्षक पदोन्नति में कथित जालसाजी की संयुक्त सचिव स्तर की जांच का दिया आदेश
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 Sep 2021 6:37 PM
Ministry of Defence, Promotion in Coast Guard, Forgery, Order of inquiry : नयी दिल्ली : भारतीय तटरक्षक बल में दूसरी सबसे बड़ी रैंक पर पदोन्नति के लिए विचार किये जा रहे अधिकारियों के रिकॉर्ड में जालसाजी के आरोपों के खिलाफ रक्षा मंत्रालय ने जांच के लिए संयुक्त सचिव स्तर पर जांच के आदेश दिये हैं.
नयी दिल्ली : भारतीय तटरक्षक बल में दूसरी सबसे बड़ी रैंक पर पदोन्नति के लिए विचार किये जा रहे अधिकारियों के रिकॉर्ड में जालसाजी के आरोपों के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए संयुक्त सचिव स्तर पर जांच के आदेश दिये हैं.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ”राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय ने अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर पदोन्नति के लिए महानिरीक्षक रैंक के अधिकारियों के रिकॉर्ड में जालसाजी के आरोपों की जांच के आदेश दिये. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, ”मामले को रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के संज्ञान में लाये जाने के बाद, पदोन्नति बोर्ड को खत्म कर दिया गया और संयुक्त सचिव स्तर पर आंतरिक जांच के आदेश दिये गये हैं.”
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि आरोपों की जांच चल रही है, लेकिन उन्होंने इस मामले में आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा सचिव अजय कुमार दोनों ने मंत्रालय में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी है और पूर्व में भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गयी है.
सूत्रों ने कहा है कि यह मामला जुलाई में शुरू हुआ था, जब अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के एक पद के लिए पदोन्नति बोर्ड आयोजित किया गया था. आरोप है कि बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और रक्षा मंत्रालय के अभिलेखों में मूल दस्तावेजों में संबंधित अधिकारियों को दिये गये अंकों में विसंगति थी. यह आरोप लगाया गया है कि जालसाजी के बाद एक कनिष्ठ अधिकारी को उच्च पद पर पदोन्नत किया गया होगा.
रक्षा मंत्रालय का रक्षा विभाग भारतीय तटरक्षक बल का मूल मंत्रालय है, जबकि अन्य तीन सेवाओं की देखभाल अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के अधीन सैन्य मामलों के विभाग द्वारा की जाती है. यदि जालसाजी के आरोप साबित हो जाते हैं, तो इससे भारतीय तटरक्षक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिकारियों को बर्खास्त भी किया जा सकता है.
भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के तहत सबसे कम उम्र का बल है और 2016 में नरेंद्र मोदी सरकार के तहत अपने कैडर अधिकारी को महानिदेशक के रूप में मिला. इस बल की कमान पहले भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल के पास थी.
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