जर्नलिस्ट Danish Siddiqui को गोली मारने के बाद तालिबानियों ने सिर भी कुचल दिया गाड़ी से

Govindghat: Reuters photographer Danish Siddiqui covers the monsoon floods and landslides in the upper reaches of Govindghat, India, Saturday, June 22, 2013. Afghan government forces battled Friday to retake a border crossing with Pakistan from Taliban insurgents, and the Reuters news agency said one of its photographers was killed in the area. Reuters said Pulitzer Prize-winning photographer Siddiqui, who was embedded with the Afghan special forces, was killed Friday, July 16, 2021, as the commando unit sought to recapture Spin Boldak.AP/PTI Photo(AP07_16_2021_000124B)
Danish Siddiqui Updates : पुलित्जर अवॉर्ड विजेता फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui, Taliban) की मौत को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. अबतक की खबर के अनुसार उनकी मौत अफगान सेना और तालिबानियों के हमले में गोली लगने से बताई जा रही थी.
Danish Siddiqui Updates : पुलित्जर अवॉर्ड विजेता फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui, Taliban) की मौत को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. अबतक की खबर के अनुसार उनकी मौत अफगान सेना और तालिबानियों के हमले में गोली लगने से बताई जा रही थी. उनके डेथ सर्टिफिकेट में भी गोलियां लगने को मौत की वजह बताई गई लेकिन अब जो बात सामने आई है वो डरा देने वाली है.
आज तक की खबर के अनुसार तालिबान के आतंकियों ने दानिश को सिर्फ गोली ही नहीं मारी थी, बल्कि उनके सिर को गाड़ी से कुचलने जैसी दरिंदगी भी की. अफगानी सेना के कमांडर बिलाल अहमद (Bilal Ahmed) ने टीवी चैनल को बताया कि तालिबानियों ने बहुत हद तक दानिश के शव के साथ बर्बरता करने का काम किया. अफगान कमांडर ने बताया कि तालिबानियों ने उनके शव के साथ केवल और केवल इसलिए बर्बरता की क्योंकि दानिश एक भारतीय थे. तालिबानी भारत से नफरत करते हैं.
यहां चर्चा कर दें कि पिछले दिनों ये खबर आई कि समाचार एजेंसी रॉयटर के लिए काम करने वाले पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी अफगानिस्तान में लड़ाई की कवरेज करने के दौरान मारे गए. घटना के वक्त वह अफगान बलों और तालिबान के आतंकवादियों के बीच कंधार में हो रही भीषण लड़ाई की कवरेज करने में व्यस्त थे.
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भारत में अफगानिस्तान के राजदूत ने खबर दी : भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुनदाजे ने गत शुक्रवार को ट्वीट किया कि कंधार में मेरे मित्र दानिश सिद्दीकी के मारे जाने की खबर सुनकर बहुत दुख पहुंचा. पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय पत्रकार अफगान सुरक्षा बलों के साथ वहां पर थे. मामुनदाजे ने कहा कि दो हफ्ते पहले उनके काबुल के लिए प्रस्थान करने से पहले मेरी उनसे मुलाकात हुई थी. उनके परिवार एवं रॉयटर के प्रति संवदेनाएं.
सिद्दीकी की उम्र 40 से 45 वर्ष के बीच थी : यहां चर्चा कर दें कि सिद्दीकी की उम्र 40 से 45 वर्ष के बीच थी. ‘तोलो न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि कंधार के स्पिन बोलदाक जिले में झड़पों के दौरान वह मारे गए. वह बीते कुछ दिनों से कंधार में हालात की कवरेज करने का काम कर रहे थे. सिद्दीकी मुंबई के रहने वाले थे. उन्हें रॉयटर के फोटोग्राफी स्टाफ के सदस्य के तौर पर पुलित्जर पुरस्कार मिला था. उन्होंने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया से अर्थशास्त्र में स्नातक किया था और 2007 में जामिया के एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से मास कम्युनिकेशन का अध्ययन किया था. वह 2010 में रॉयटर से जुड़े थे.
Posted By : Amitabh Kumar
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