लद्दाख से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने दोरजे, कई चीजों में हासिल है महारथ

उन्होंने शिक्षक के रूप में काम किया है, पर्वतारोही हैं, ट्रैकिंग करते हैं, पर्यटकों के लिए शिविरों की व्यस्था करते हैं, सेल्स में काम किया है, स्पोर्ट्स की दुकान पर मैनेजर रहेंगे हैं. खुद का जीवन सरल रखा है और एक साधु की तरह जीना पसंद करते हैं.
लद्दाख में घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने वाले पहले व्यक्ति बन गये हैं, स्केल्ज़ंग कल्याण दोरजे. बचपन में पहाड़ों की ऊंचाई पर बकरियों के साथ दौड़ने वाला लड़का,आज लेह- लद्दाख की पहचान बन रहा है. स्केल्ज़ंग कल्याण दोरजे ने जीवन में कई चीजें की और वो भी सबसे बेहतर. वह सबसे बेहतर पर्वतारोही हैं इसमें उन्हें स्वर्ण पदक मिला.
उन्होंने शिक्षक के रूप में काम किया है, पर्वतारोही हैं, ट्रैकिंग करते हैं, पर्यटकों के लिए शिविरों की व्यस्था करते हैं, सेल्स में काम किया है, स्पोर्ट्स की दुकान पर मैनेजर रहेंगे हैं. खुद का जीवन सरल रखा है और एक साधु की तरह जीना पसंद करते हैं.
इतनी खूबियों के बावजूद उन्हें पहचान दिलायी क्रिकेट ने पहाड़ों की ऊंचाइयों पर भागने वाला आज शिखर छू रहा है.दोरजे शानदार क्रिकेट खिलाड़ी हैं. दोरजे खुशी जाहिर करते हुए अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहते हैं, मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि मैं लद्दाख से घरेलू क्रिकेट खेलने वाला पहला व्यक्ति बन गया हूं. मैंने सैयद मुश्ताक टी 20 टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व किया है.
31 साल के ऑलराउंडर दोरजे कहते हैं, अगर कोरोना संक्रण की वजह से 2020- 21 का रणजी रद्द नहीं होता मैं लद्दाख से पहला खिलाड़ी होता जिसने प्रथम श्रेणी का क्रिकेट खेला है. साल 1999 में उनका रिश्ता क्रिकेट से जुड़ा जब दोरेजे के चाचा उसे बेंगलुरू लेकर आ गये. यहां उन्होंने क्रिकेट देखा और खेलना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने खूब सारी खिलड़ियां भी छक्के मार कर तोड़ी है
लद्दाख में क्रिकेट के माहौल पर भी दोरजे ने चिंता जतायी उन्होंने कहा. बीसीसीआई की तरफ से अबतक क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ लद्दाख को मान्यता नहीं मिली है. साल 2011 से उन्होंने टूर्नामेंट खेलना बंद कर दिया और नौकरी और घर के कामों में व्यस्त हो गये. साल 2015 में इनकी दोबारा मैदान में वापसी हुई स्थानीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है.
Also Read: पंजाब से मुख्तार अंसारी की आज होगी यूपी वापसी, स्पेशल टीम होगी रवाना, सुरक्षा पर पूरा ध्यान
यह मैच मार्च से मई तक थे और इस दौरान उन्होंने शानदार क्रिकेट खेला. इस तरह के मैच में पुरस्कार के रूप में दी जाने वाली लगभग हर चीज इनके घर पहुंची जिसमें टीवी, वॉशिग मशीन सहित कई सामान शामिल हैं. एक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें जम्मू और कश्मीर के लिए खेलने का मौका शामिल था . कप्तान ने मुझे बताया कि मैं लद्दाख से पहला हूं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




