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Covishield Vacine : कोविशील्ड ने संक्रमण के खतरे को 93 फीसद और मौत के खतरे को 98 फीसद किया है कम : शोध

Updated at : 28 Jul 2021 8:28 AM (IST)
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Covishield Vacine : कोविशील्ड ने संक्रमण के खतरे को 93 फीसद और मौत के खतरे को 98 फीसद किया है कम : शोध

covishield vacine newsw देश में कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को लेकर एक शोध किया गया है जिसमें यह बताया गया है कि कोविशील्ड वैक्सीन ताजा सीओवीआईडी ​​​​-19 संक्रमण को 93 प्रतिशत और मौतों को 98 प्रतिशत कम कर देता है.

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देश में कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को लेकर एक शोध किया गया है जिसमें यह बताया गया है कि कोविशील्ड वैक्सीन ताजा सीओवीआईडी ​​​​-19 संक्रमण को 93 प्रतिशत और मौतों को 98 प्रतिशत कम कर देता है.

यह शोध रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के अध्ययन में पाया है. मंत्रालय ने नोट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों के 15.95 लाख स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के डेटा का विश्लेषण किया गया था यह शोध उन लोगों पर किया गया जिन्हें कोविशील्ड वैक्सीन दिया गया. भारत ने फ्रंटलाइन वर्कर्स को सबसे पहले वैक्सीन दी थी. इस शोध में 15.95 लाख कार्यकर्ता कोविशील्ड वैक्सीन के पहले प्राप्तकर्ताओं में से थे.

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रक्षा मंत्रालय की तरफ से किये गये शोध में जो पाया गया है उसके अनुसार संक्रमण में 93 प्रतिशत की कमी आई और मौतों में 98 प्रतिशत की कमी आई. ऐसी संभावना जाहिर की जा रही है कि COVID-19 वैक्सीन प्रभावशीलता पर दुनिया भर में सबसे बड़ा अध्ययन है.

मंत्रालय ने कहा कि अध्ययन बड़े पैमाने पर स्वस्थ पुरुषों पर कुछ बीमार लोगों के साथ किया गया है. मंत्रालय ने कहा, “इसमें (अध्ययन में) बच्चों और बुजुर्गों को शामिल नहीं किया गया.

वाइस एडमिरल रजत दत्ता ने इस पूरे अध्ययन पर कहा, मौजूदा सशस्त्र बलों के स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली से अज्ञात डेटा पर किया गया. इस शोध के पीछे का उद्देश्य था कि हम कोरोना से बेहतर ढंग से निपट सकेंगे.

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रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि “निगरानी प्रणाली में पहली और दूसरी खुराक के साथ दैनिक टीकाकरण, सीओवीआईडी ​​​​-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण और मौत के आंकड़ों का भी डेटा था. इन सभी आंकड़ों का सर्वेक्षण किया गया. यह शोध उस वक्त किया जा रहा था जब देश में कोरोना संक्रमण की दर सबसे ज्यादा था देश कोरोना की दूसरी लहर से निपट रहा था.

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