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स्पूतनिक वी वैक्सीन की दोनों खुराक एक ही अस्पताल से लेनी चाहिए, डॉ रेड्डीज ने दी जानकारी

कोरोना वायरस के खात्मे के लिए भारत में अभी कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक वी वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा हैं. इसी बीच, डॉ रेड्डीज ने जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में स्पुतनिक वी वैक्सीन 21 दिन के अंतराल के साथ दो खुराक में दिया जाता है. वैक्सीन की दोनों खुराक एक ही अस्पताल से लेनी चाहिए.

By Prabhat khabar Digital
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स्पूतनिक वी वैक्सीन के बारे में सामने आयी अहम जानकारी
स्पूतनिक वी वैक्सीन के बारे में सामने आयी अहम जानकारी
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Sputnik V Vaccine कोरोना वायरस के खात्मे के लिए भारत में अभी कोविशील्ड (Covishield), कोवैक्सीन(Covaxin) और स्पूतनिक वी (Sputnik V ) वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा हैं. इसी बीच, डॉ रेड्डीज ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में स्पुतनिक वी वैक्सीन 21 दिन के अंतराल के साथ दो खुराक में दिया जाता है. वैक्सीन की दोनों खुराक एक ही अस्पताल से लेनी चाहिए.

बता दें कि भारत में रूस की स्पूतनिक वी वैक्सीन का उत्पादन डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लि. कर रही है. डॉ रेड्डीज ने भारत में स्पुतनिक वी के उत्पादन के लिए रूस के प्रत्यक्ष निवेश कोष के साथ मई 2021 में करार किया था. रूस के प्रत्यक्ष निवेश कोष ने स्पूतनिक वी वैक्सीन के उत्पादन के लिए छह भारतीय दवा निर्माता कंपनियों के साथ समझौता किया है.

स्पूतनिक वी वैक्सीन विकसित करने वाले गमलेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने बीते दिनों कहा कि यह वैक्सीन कोरोनावायरस के सभी नए स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी पाई गई है. वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी है.

रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को का कहना है कि स्पूतनिक वी कोरोना वैक्सीन (Sputnik V Corona Vaccine) 83 फीसदी डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिखाइल मुराश्को ने कहा कि स्पूतनिक वी वैक्सीन डेल्टा स्ट्रेन से लड़ने के लिए सबसे प्रभावी परिणाम प्रदर्शित करती है. नए परिणामों से संकेत मिलता है कि प्रभावकारिता लगभग 83 प्रतिशत है. स्पूतनिक गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता को कम करती है.

उल्लेखनीय है कि भारत में फिलहाल स्पुतनिक- वी के अलावा ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोवीशील्ड जिसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट कर रही है और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को दिया जा रहा है. भारत में वैक्सीनेशन में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. अब तक देश में टीके की 70 करोड़ से ज्यादा खुराकें दी जा चुकी हैं. इसमें से 10 करोड़ खुराकें बीते तेरह दिन में ही दी गयी हैं.

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