COVID-19 mRNA वैक्सीन बढ़ाता है हार्ट अटैक का खतरा, इन बीमारियों से ग्रसित लोग हो जायें सावधान

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 08 Oct 2022 12:56 PM

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डाॅ जोसेफ ने अध्ययन के बारे में बताया है कि इस वैक्सीन को लेने से 18-39 साल के पुरुषों में हृदय संबंधी रोग का खतरा बढ़ता है और यह मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाता है.

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क्या कोरोना वैक्सीन हृदयाघात के खतरे को बढ़ाता है? क्या यह वैक्सीन बड़ी संख्या में लोगों की मौत की वजह बन सकता है? यह बड़ा सवाल है इन दिनों लोग पूछ रहे हैं क्योंकि कई ऐसी घटनाएं सामने आयीं जिसमें युवा लोगों की मौत हृदयाघात की वजह से अचानक हो गयी. फ्लोरिडा के सर्जन डाॅ जोसेफ ए लाडापो ने ट्‌वीट कर एक अध्ययन की जानकारी दी है, जिसमें उन्होंने यह बताया है कि COVID-19 mRNA वैक्सीन की वजह से हृदयाघात का खतरा बढ़ता है, जो मृत्यु के खतरे को बढ़ाता है.

हृदय संबंधी रोग का खतरा बढ़ा

डाॅ जोसेफ ने अध्ययन के बारे में बताया है कि इस वैक्सीन को लेने से 18-39 साल के पुरुषों में हृदय संबंधी रोग का खतरा बढ़ता है और यह मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाता है. अध्ययन में COVID-19 mRNA वैक्सीन का विरोध करते हुए विशेषज्ञों ने कहा गया है कि दिल से संबंधित कुछ बीमारियों के लोगों को यह वैक्सीन लेने से पहले डाॅक्टर्स की सलाह लेनी चाहिए.

18-39 साल के पुरुषों में खतरा ज्यादा

डाॅ जोसेफ ने अपने ट्‌वीट में कहा है कि हमने COVID-19 mRNA टीकों पर एक विश्लेषण जारी किया है, जिसके बारे में जनता को जागरूक होने की आवश्यकता है. इस अध्ययन में यह बात सामने आयी कि 18-39 साल के पुरुषों में इस वैक्सीन ने हृदय संबंधी मृत्यु का जोखिम बढ़ाया है.

मायोकार्डिटिस और पेरिकार्डिटिस के मरीज सावधान रहें

अध्ययन में पाया गया कि एमआरएनए टीकाकरण के बाद 28 दिनों के भीतर 18-39 साल की आयु के पुरुषों में हृदय संबंधी मृत्यु की घटनाओं में 84% की वृद्धि हुई. अध्ययन में कहा गया है कि मायोकार्डिटिस और पेरिकार्डिटिस जैसी हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों को यह खतरा ज्यादा है, इसलिए वैक्सीन लेने से पहले उन्हें चिकित्सक की सलाह लेनी ही चाहिए.

दवा की सुरक्षा और प्रभावकारिता का अध्ययन

सर्जन जनरल डॉ जोसेफ लाडापो ने कहा, टीके सहित किसी भी दवा की सुरक्षा और प्रभावकारिता का अध्ययन सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण घटक है इसलिए इसे किया ही जाना चाहिए.

भारत में कौन सी mRNA वैक्सीन है

भारत में एकमात्र GEMCOVAC-19 वैक्सीन एमआरएनए वैक्सीन है. इस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी गयी है. इसके प्रभाव का विश्लेषण किया जाना है. भारत में अधिकतर लोगों ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन लिया है जो एमआरएनए वैक्सीन नहीं हैं.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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