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टीकों के बाद भी मनोरोगियों पर कोरोना संक्रमण का खतरा, जानें कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोध की रिपोर्ट

मनोरोगियों के लिए कोरोना का टीका कुछ मायनों में बेअसर भी हो सकता है. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें खासा सावधान रहने की जरूरत है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक ताजा शोध में यह बात सामने आयी है कि, मनोरोगियों में कोरोना का टीका ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन कर सकता है.

By Prabhat Khabar Digital Desk
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Breakthrough Infection
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Breakthrough Infection: मनोरोगियों के लिए कोरोना का टीका कुछ मायनों में बेअसर भी हो सकता है. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें खासा सावधान रहने की जरूरत है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक ताजा शोध में यह बात सामने आयी है कि, मनोरोगियों में कोरोना का टीका ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन (Breakthrough Infection) कर सकता है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की ताजा शोध में यह दावा किया गया है कि, खराब प्रतिरक्षा तंत्र और मानसिक विकार कोरोना के जोखिम को काफी बढ़ा देते हैं.

जामा नेटवर्क ओपन जर्नल में गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि, 65 साल से ऊपर वाले रोगियों पर मादक पदार्थों के सेवन, मानसिक विकार करे साथ साथ चिंता और घबराहट के कारण कोरोना के ब्रेकथ्रू संक्रमण (Breakthrough Infection) का 24 फीसदी तक ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की टीम ने अपने अध्ययन में कई लोगों को शामिल किया. जिनकी औसत आयु 66 साल थी. शोध में पाया गया कि जो लोग मनोरोग से जूझ रहे थे उनमें ब्रेकथ्रू संक्रमण (Breakthrough Infection) का खतरा ज्यादा दिखा. वहीं जो लोग नशीले पदार्थों का सेवन करते थे उनमें 24 फीसदी ज्यादा खतरा नजर आया.


शोध में शामिल एक विशेषज्ञ के मुताबिक, जो लोग मनोरोग से पीड़ितों हैं उनमें कोरोना के टीकों से उत्पन्न एंटीबॉडी जल्दी ही कमजोर पड़ जाती है. इसके कारण वो कोरोना की चपेट से जल्दी आ सकते है. उन्होंने कहा कि, इसके अलावा कोरोना के नये स्ट्रेन के खिलाफ भी उनकी प्रतिरक्षा कमजोर पड़ जाती है.

क्या होता है ब्रेक थ्रू इन्फेक्शन: ब्रेकथ्रू इंफेक्शन (Breakthrough Infection) का सीधा अर्थ है कि अगर वैक्सीन की दोनों डोज के बाद भी लोगों में कोरोना संक्रमण की समस्या का फिर से हो जाना. इस कड़ी में शोधकर्ताओं का कहना है कि मनोरोग और नशीले पदार्थ की लत वाले लोगों में वैक्सीन का असर नशीले पदार्थों के सेवन के कारण कम हो सकता है.

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