Coronavirus Case In India : 24 घंटे में कोरोना के 62,714 नये मामले, 312 मौत, होली मिलन पर रोक, इन छह राज्यों में फूटा 'कोरोना बम'

Mumbai: A medic collects a nasal sample from a resident of Dharavi for COVID-19 test, in Mimbai, Thursday, March 25, 2021. (PTI Photo)(PTI03_25_2021_000260A)
Coronavirus Case In India : कोरोना संक्रमण (Coronavirus New Case) के मामले फिर से बढ़ रहे हैं. कई राज्यों में होली मिलन पर रोक लगा दी है Lockdown Updates,holi 2021 ,holi, corona cases in bihar ,up, jharkhand,delhi, mumbai ,mp, odisha ,pm modi ,lockdown samachar
-
बीते 24 घंटों में देश में संक्रमण के 62,258 नये मामले सामने आये
कई राज्यों में होली मिलन पर रोक, बिना भीड़ के होगा होलिका दहन
दिल्ली में होली, शब-ए-बारात के दौरान सार्वजनिक उत्सव और सभा पर रोक
Coronavirus Case In India : देश में कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटे में 62 हजार से ज्यादा नये मामले आने के बाद राज्यों की चिंता बढ गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना संक्रमण के 62,714 मामले सामने आए जबकि 28,739 लोग डिस्चार्ज हुए. वहीं 312 लोगों की मौत हुई है. देश में अब कुल मामले 1,19,71,624 हो चुके हैं. सक्रिय मामलों की बात करें तो यह 4,86,310 है. कोरोना की चपेट में आकर अबतक कुल 1,61,552 लोगों की मौत हो चुकी है.
इधर कोरोना के साप्ताहिक मामलों में वृद्धि के बीच केंद्र ने उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जांच की संख्या महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने समेत पांचसूत्री निषिद्ध रणनीति जारी की जहां कोरोना के मामलों में इजाफा देखने को मिला है.
वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार ने राजनीतिक और धार्मिक सहित सभी प्रकार की सभाओं के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध की शनिवार को घोषणा की. कई राज्यों में होली मिलन पर रोक लगा दी है. होलिका दहन बिना भीड़ के होगा. दिल्ली में होली, शब-ए-बारात के दौरान सार्वजनिक उत्सव और सभा पर रोक लगाई गई है.
भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के62,714 नए मामले सामने आए. यह इस वर्ष की अब तक की सर्वाधिक संख्या है. पिछले साल 16 अक्टूबर को 24 घंटे के अंतराल में संक्रमण के 63,371 नए मामले सामने आए थे. सभी जिलों में जांच काफी बढ़ाने के अलावा, इस रणनीति में संक्रमितों को अलग रखने, उनके संपर्क में आये व्यक्तियों की पहचान करने, सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संसाधनों को स्थिति के हिसाब से तैयार करने, कोविड अनुकूल आचरण का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, और संक्रमण से प्रभावित जिलों में जोर-शोर से वैक्सीनेशन चलाने पर बल दिया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में 12 राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) और कोरोना के सर्वाधिक मामलों और मृत्यु से जुड़े 46 जिलों के निगम आयुक्तों और जिलाधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. उसके बाद इस रणनीति को अंतिम रूप दिया गया. ये 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, पंजाब और बिहार हैं.
केंद्र ने कोरोना की प्रभावी रोकथाम व प्रबंधन के संदर्भ में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिये पांच स्तरीय रणनीति बनाई है. सरकार ने कहा कि मई 2020 के बाद से कोविड-19 संक्रमण और उससे होने वाली मृत्यु के साप्ताहिक मामलों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई है. सरकार ने कहा कि ज्यादा ध्यान उन 46 जिलों में है, जहां से इस महीने संक्रमण के कुल मामलों का 71 प्रतिशत और इनसे होने वाली मौत के मामले में 69 प्रतिशत मामले सामने आए.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 25 सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और यहां से देश में बीते एक हफ्ते में सामने आए कुल मामलों में से 59.8 प्रतिशत मिले हैं. बयान के मुताबिक, बैठक में इन राज्यों एव केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित जिलों का विश्लेषण और कुछ अहम सांख्यिकीय आंकड़े पेश किये गए. बयान के मुताबिक कोविड-19 से होने वाली मौत के मामलों में लगभग 90 प्रतिशत मामले 45 साल ये ज्यादा आयु वर्ग वालों के हैं.
अध्ययन के नतीजों में रेखांकित किया गया कि जहां 90 प्रतिशत लोगों को जहां इस बीमारी के बारे में जानकारी है, वहीं वास्तव में सिर्फ 44 प्रतिशत लोग ही मास्क लगाते हैं. बयान में कहा गया है कि एक संक्रमित व्यक्ति रोकटोक नहीं होने पर 30 दिनों की अवधि में 406 और लोगों को संक्रमित कर सकता है जबकि भौतिक संपर्क को अगर घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाए तो यह आंकड़ा घटकर 15 लोगों का हो जाएगा जबकि भौतिक संपर्क में अगर 75 प्रतिशत तक कमी कर दी जाए तो पीड़ित के संपर्क में आने पर संक्रमित होने वालों की संख्या 2.5 (औसतन) रह जाएगी.
यह भी रेखांकित किया गया कि ‘दूसरी लहर’ की परिकल्पना दरअसल कोविड-19 अनुकूल आचरण और जमीनी स्तर पर विषाणु की रोकथाम एवं प्रबंधन रणनीति को लेकर लोगों की लापरवाही से ज्यादा परिलक्षित हो रही है. केंद्र ने राज्यों से कहा कि ऐसे में 46 जिलों में प्रभावी निषेध और संपर्क में आए लोगों की तलाश कम से कम 14 दिनों तक सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाती है, जिससे संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला टूटे और पिछले साल सामूहिक प्रयास से हासिल किये गए फायदे को “जाया न जाने दिया जाए”.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि छह राज्यों – महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश- में कोरोना के दैनिक मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और बीते 24 घंटों के दौरान सामने आए संक्रमण के 79.57 प्रतिशत मामले इन्हीं राज्यों से हैं.
भाषा इनपुट के साथ
Posted By : Amitabh Kumar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




