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रिसर्च में दावाः लक्षण नजर आने से पहले ही फैल चुका होता है कोरोना वायरस,...तो इसे रोकना मुश्किल

Updated at : 14 Mar 2020 1:13 PM (IST)
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रिसर्च में दावाः लक्षण नजर आने से पहले ही फैल चुका होता है कोरोना वायरस,...तो इसे रोकना मुश्किल

ह्यूस्टनः नॉवेल कोरोना वायरस (COVID-19) का अध्ययन कर रहे अनुसंधानकर्ताओं को पता चला है कि व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलने में एक हफ्ते से कम का वक्त लगता है. साथ ही करीब 10 प्रतिशत मरीजों में यह संक्रमण वायरस से प्रभावित ऐसे व्यक्ति से फैलता है जिसमें अब तक लक्षण नजर आने शुरू भी […]

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ह्यूस्टनः नॉवेल कोरोना वायरस (COVID-19) का अध्ययन कर रहे अनुसंधानकर्ताओं को पता चला है कि व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलने में एक हफ्ते से कम का वक्त लगता है. साथ ही करीब 10 प्रतिशत मरीजों में यह संक्रमण वायरस से प्रभावित ऐसे व्यक्ति से फैलता है जिसमें अब तक लक्षण नजर आने शुरू भी नहीं हुए हैं. यह ऐसी खोज है जो इस महामारी को रोक पाने में जन स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद कर सकती है. इस अध्ययन में वायरस से संक्रमित दो लोगों – वह व्यक्ति जो दूसरे को संक्रमित करता है और दूसरा संक्रमित होने वाला अन्य व्यक्ति- में लक्षण नजर आने में लगने वाले समय को माप कर कोरोना वायरस के सिलसिलेवार अंतराल का अनुमान लगाया गया है.

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस समेत अन्य विश्वविद्यालयों के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने के बीच में औसतन चार दिन का समय लगा था. उनका कहना है कि महामारी फैलने की गति दो बातों पर निर्भर करती है- एक व्यक्ति अन्य कितने लोगों को संक्रमित करता है और दूसरा अन्य सभी व्यक्तियों में इसे फैलने में कितना वक्त लगता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पहली स्थिति को प्रतिकृति संख्या और दूसरी को सिलसिलेवार अंतराल कहा जाता है. कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी कोविड-19 (COVID-19) का सिलसिलेवार अंतराल कम होने की वजह से प्रकोप तेजी से बढ़ेगा और इसे रोकना मुश्किल होगा.

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस से सह-अनुसंधानकर्ता लॉरेन एंसेल मेयर्स ने कहा, इबोला का सिलसिलेवार अंतराल कई हफ्ते था जिसे कुछ दिनों के अंतराल वाले इंफ्लुएंजा से रोकना ज्यादा आसान है. मेयर्स ने कहा कि डेटा से पता चलता है कि कोरोना वायरस फ्लू की तरह फैल सकता है और इसका मतलब है कि उभरते खतरे से निपटने के लिए हमें ज्यादा तेजी एवं आक्रामकता से बढ़ना होगा. यह अध्ययन ‘इमर्जिंग इंफेक्शस डिजीसेस” पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

बता दें कि देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. अब तक कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमण के 80 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हुई हैं. इनमें से कर्नाटक में 76 वर्षीय एक व्यक्ति और दिल्ली में 69 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई है. भारत में जो कुल 83 मामले हैं उसमें 66 भारतीय और 17 विदेशी शामिल है. वहीं कोरोना वायरस महामारी से चीन में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 और लोगों की मौत के साथ इस संक्रामक बीमारी से मरने वाले लोगों की संख्या 3,189 पर पहुंच गई है जबकि 11 नए मामलों के साथ इससे संक्रमित लोगों की संख्या 80,824 पर पहुंच गई है.

दुनियाभर में इससे पांच हजार लोगों की मौत हो चुकी हैं. दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में जानलेवा कोरोना वायरस की वजह से 50 लोगों की मौत हो गई है. राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका में इमरजेंसी घोषित कर दी है. साथ ही डोनल्ड ट्रंप ने कोरोना से लड़ने के लिए 37 हजार करोड़ रुपये जारी करने का एलान भी किया है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि मैं खुद भी कोरोना का टेस्ट कराऊंगा.

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Utpal Kant

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By Utpal Kant

Utpal Kant is a contributor at Prabhat Khabar.

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