देखें वीडियो, तबलीगी जमात में रेस्क्यू करने गये डॉक्टर पर थूका, गालियां दीं और वर्दी उतरवाने की धमकी
Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 Apr 2020 8:05 AM
Nizamuddin Markaz: तबलीगी जमात में रेस्क्यू करने गये डॉक्टर पर थूका गया है. यही नहीं उन्हें गालियां दी गयी है और वर्दी उतरवाने की धमकी भी.
Nizamuddin Markaz: तबलीगी जमात में रेस्क्यू करने गये डॉक्टर पर थूका गया है. यही नहीं उन्हें गालियां दी गयी है और वर्दी उतरवाने की धमकी भी. रेलवे के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में रेलवे के पृथक केंद्रों में रखे गये, तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़े करीब 160 लोगों ने उनकी जांच कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ‘‘दुर्व्यवहार” किया और यहां तक कि उनपर ‘‘थूका” भी.
निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से 167 को मंगलवार की शाम तुगलकाबाद में रेलवे के पृथक केंद्रों में लाया गया था. उल्लेखनीय है कि मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से अनेक को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और कुछ की मौत हो चुकी है. सूत्रों ने बताया कि रेलवे के केंद्र में इन 167 लोगों को रखे जाने के बाद रेलवे कॉलोनी के लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी. इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया.
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि पृथक केंद्रों में उन्होंने (निजामुद्दीन मरकज से निकालकर लाये गये लोगों ने) स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया और खुद को दिये जा रहे भोजन को लेकर आपत्ति जतायी…यहां तक कि उन्होंने उन्हें देख रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर थूक तक दिया. इन लोगों ने पृथक केंद्रों में इधर-उधर घूमना बंद करने से भी मना कर दिया. आगे कुमार ने कहा कि हमले जिलाधिकारी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को सूचना दी और उन्हें (पृथक केंद्रों में रखे गये लोगों) नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा करने या इन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भेजने का आग्रह किया. शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली पुलिस के चार और सीआरपीएफ के छह जवानों और एक पीसीआर वैन को पृथक केंद्रों पर तैनात किया गया.
जिला अधिकारियों ने इन लोगों में से 97 को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल पृथक केंद्र और 70 को आरपीएफ बैरक पृथक केंद्र में रखा गया है. रेलवे कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि मरकज से वहां लोगों को लाये जाने के 24 घंटे बाद भी कॉलोनी को संक्रमण मुक्त नहीं किया गया है. वायरस के प्रसार के डर से निवासी घरों के अंदर रहे और आवश्यक चीजें लेने भी बाहर नहीं जा पाये. इधर, कॉलोनी के एक निवासी ने कहा कि बस के पास खड़े बहुत से लोगों ने खांसा, छींक मारी और यहां तक कि सड़क पर थूका भी. हम कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं? सूत्रों ने बताया कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मुद्दे पर पहले ही जिले के अधिकारियों से बात कर चुके हैं.
सोशल मीडिया पर मामले का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें डॉक्टर पुलिसकर्मियों से कहते नजर आ रहे हैं कि यहां लोग कोऑपरेट नहीं कर रहे हैं और हमपर थूक रहे हैं. यही नहीं वे हमें गालियां दे रहे हैं और वर्दी उतरवाने की धमकी भी दे रहे हैं. आप भी देखें वीडियो…
What kind of SIСK PEOPLE these #TablighiJamaat are?? This Doctor comes to Police post & asks for Policemen to be sent to get those Mullаhs as they are NOT COOPERATING & SPITTING & THREATNING them WTF?? #CoronaJihaad #CoronaJihad #TablighiJamatVirus #Nizamuddin #Covid_19india pic.twitter.com/rld5MDcOEb
— Rosy (@rose_k01) April 1, 2020
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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