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देश के कई शहरों में सीवर और नदी के पानी में मिला कोरोना वायरस, आईआईटी सहित 8 बड़े संस्थानों ने किया सर्वे

Updated at : 18 Jun 2021 1:14 PM (IST)
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देश के कई शहरों में सीवर और नदी के पानी में मिला कोरोना वायरस, आईआईटी सहित 8 बड़े संस्थानों ने किया सर्वे

Corona virus found in sewerage and river water अहमदाबाद : गुजरात में कोरोना (Corons) की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हुई है. हालांकि, अब संक्रमण धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है. अहमदाबाद में साबरमती नदी, कांकरिया झील और चंदोला झील में अब कोरोना वायरस पाया गया है. अब तक देश के कई शहरों की सीवेज लाइनों में जिंदा कोरोना वायरस पाया गया है. तीनों पानी के नमूने लिये गये और सभी नमूने संक्रमित पाये गये. चार महीने में 16 सैंपल लिये गये, जिनमें से 5 सैंपल पॉजिटिव पाये गये.

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Corona virus found in sewerage and river water अहमदाबाद : गुजरात में कोरोना (Corons) की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हुई है. हालांकि, अब संक्रमण धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है. अहमदाबाद में साबरमती नदी, कांकरिया झील और चंदोला झील में अब कोरोना वायरस पाया गया है. अब तक देश के कई शहरों की सीवेज लाइनों में जिंदा कोरोना वायरस पाया गया है. तीनों पानी के नमूने लिये गये और सभी नमूने संक्रमित पाये गये. चार महीने में 16 सैंपल लिये गये, जिनमें से 5 सैंपल पॉजिटिव पाये गये.

गौरतलब है कि यह अध्ययन आईआईटी गांधीनगर समेत देश के 8 संस्थानों ने मिलकर किया था. नयी दिल्ली में जेएनयू के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के शोधकर्ता भी इसमें शामिल हैं. असम के गुवाहाटी क्षेत्र में नदियों में से भरू नदी से लिये गये सैंपल में भी कोरोना के नमूनों का पता चला है. जांच के दौरान सीवेज का नमूना लेने से कोरोना वायरस का पता चला.

नये-नये रूप बदल रहा है कोरोना, लंबे समय तक करेगा परेशान

दुनिया में कोरोना महामारी अभी भी लंबे समय तक चल सकती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वायरस के एक नये प्रकार की पहचान की है और सावधानी बरतने की अपील की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 16 जून, 2021 को अधिसूचित किया है कि 29 देशों में COVID-19, के एक नये वेरिएंट Lambda की पहचान की गयी है. जिसका अर्थ है कि यह घातक संस्करण 29 देशों में पाया गया है. मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका में और यहां इसका मूल भी माना जा रहा है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, Lambda वेरिएंट पहली बार पेरू में दिखाई दिया था. दक्षिण अमेरिका में इसकी व्यापक मौजूदगी के कारण 14 जून को इसे ग्लोबल वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में वर्गीकृत किया गया था. Lambda वेरिएंट का प्रसार पेरू में व्यापक है, जहां अप्रैल, 2021 से COVID-19 के 81 फीसदी मामले इस वेरिएंट से जुड़े हैं. अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों जैसे अर्जेंटीना और इक्वाडोर ने भी इस नये वेरिएंट को लेकर चेतावनी जारी की गयी है.

नया कोरोना वेरिएंट Lambda कितना प्रभावशाली है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, Lambda वैरिएंट संक्रमण को बढ़ा सकते हैं या एंटीबॉडी के लिए वायरस के प्रतिरोध को मजबूत कर सकते हैं. हालांकि, जिनेवा स्थित संगठन के अनुसार, यह नया वेरिएंट किस हद तक प्रभावी होगा, यह वर्तमान में बहुत सीमित है, और Lambda वेरिएंट को बेहतर ढंग से समझने के लिए और अध्ययन की आवश्यकता है. Lambda वेरिएंट को 14 जून को दक्षिण अमेरिका में ‘व्यापक उपस्थिति’ के कारण ग्लोबल वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में वर्गीकृत किया गया था.

Posted By: Amlesh nandan.

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