कोरोना की दूसरी लहर में क्यों हुई इतनी मौत ? शोध में सामने आयी हैरान करने वाली वजह
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 16 Jun 2021 8:02 AM
इस बीच अब भी सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर संक्रमण की दूसरी लहर में हमें इतना ज्यादा नुकसान क्यों हुआ ? इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की है एबीपी न्यूज ने. एबीपी न्यूज ने एक्सपर्ट की एक टीम के साथ इस सवाल के जवाब को तलाशा है. आइये समझते हैं कि इस संक्रमण ने सबसे ज्यादा नुकसान भारत को क्यों पहुंचाया ?
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने सबसे ज्यादा नुकसान देश को पहुंचाया है. इस संक्रमण के दूसरे प्रवाह में कई लोगों की जान गयी ? देश में बिस्तरों की कमी, ऑक्सीजन का संकट और कई राज्यों में डॉक्टरों की कमी नजर आयी.
इस बीच अब भी सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर संक्रमण की दूसरी लहर में हमें इतना ज्यादा नुकसान क्यों हुआ ? इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की है एबीपी न्यूज ने. एबीपी न्यूज ने एक्सपर्ट की एक टीम के साथ इस सवाल के जवाब को तलाशा है. आइये समझते हैं कि इस संक्रमण ने सबसे ज्यादा नुकसान भारत को क्यों पहुंचाया ?
इस शोध में 100 कोरोना संक्रमित जिनकी मौत हुई उनके मौत की वजह तलाशी गयी. डॉक्टरों की टीम ने भी इस शोध में मदद की. इसमें यह देखा गया कि जिस वक्त मरीज अस्पताल में भरती हो रहा था उस वक्त उसकी स्थिति क्या थी, उसका ब्लड प्रेशर कितना था ?ऑक्सीजन लेवल क्या था ? टेंपरेचर और पल्स रेट क्या था ? क्या उसे कोई गंभीर बीमारी थी ? क्या वैक्सीन ली गयी थी ?
इस रिसर्च में कई तरह के फैक्ट्स सामने आये हैं. ऐसा नहीं है कि यह रिसर्च सिर्फ कोरोनो से हुई मौत की वजह की तलाश कर रहा है. इस रिसर्च के नतीजों से आप अपने जीवन में भी वो जरूरी बदलाव कर सकते हैं जिससे आप पर संक्रमण का खतरा बढ़ता है.
इस शोध में जो सबसे ज्यादा चौकाने वाले आंकड़े आये उसमें पता चला कि 72 फीसदी मौत डायबिटीज मरीजों की हुई है जबकि डायबिटीज के बिना सिर्फ 28 फीसद लोगों की जान गयी है. जिन 32 फैक्टर्स की जांच की गयी उसमें ब्लड प्रेशर, बीएमआई, इंजाइटी लेवल को आधार माना गया है.
डॉक्टरों ने बताया कि अगर किसी को गंभीर बीमारी है तो संक्रमण का खतरा ज्यादा है. कोरोना संक्रमण की पहली लहर से यह बात सभी जानते हैं. यही कारण है कि गंभीर रूप से बीमार लोगों पर बार- बार विशेष ध्यान रखने की अपील की जा रही थी. जिन्हें डायबिटीज जैसी बीमारी है उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन पर कोरोना जैसी बीमारी का प्रभाव अधिक पड़ता है. इसमें मल्टी ऑर्गन डिसइंफैक्शन की वजह से मौत होती है. उन्होंने बताया कि इस बार 60 फीसदी लोग यंग और मीडिल एज के लोग है. और भारत में ऐसे बहुत लोग है जिन्हें इस उम्र में डायबिटीज जैसी घातक बीमारी होती है.
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इस शोध में जो दूसरा सबसे बड़ा कारण सामने आया है वो है हाई ब्लड प्रेशर. 100 लोगों पर किये गये शोध में यह पता चला कि जिन लोगों की मौत हुई उनमें 83 फीसद लोग ब्लड प्रेशर के शिकार थे सिर्फ 17 फीसदी लोग थे जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य था . 88 फीसद मरीजों की मौत ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह से हुई. जिनका वजह ज्याजा था उनमें से 84 फीसद लोगों की मौत हुई है, सामान्य वजन वाले सिर्फ 16 फीसद लोग हैं.
इस शोध में जो सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आयी है कि अगर आपका शरीर पूरी तरह स्वस्थ है, आपका वजन सही है और आपको किसी भी तरह की बीमारी नहीं है तो आपको संक्रमण का खतरा भी कम है.
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