Cooperative: ओला, उबर जैसी कंपनियों को मिलेगी भारत टैक्सी सेवा से कड़ी टक्कर

देश में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ गुरुवार को होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न के तहत भारत टैक्सी सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने, समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है.
Cooperative: देश में उबर, ओला और अन्य निजी टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियों का बाजार समय के साथ काफी बढ़ा है. देश में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का का शुभारंभ गुरुवार को होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न के तहत भारत टैक्सी सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने, समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है. सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने का काम कर रही है. भारत टैक्सी को मोबिलिटी क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल के तौर पर देखा जा रहा है. गुरुवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस पहल का शुभारंभ करेंगे.
इस पहल के तहत ड्राइवर, जिन्हें सारथी कहा जाता है को स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रखा गया है. ताकि वे एग्रीगेटर-आधारित मॉडलों से मुक्त खुद काम कर सके. इस दौरान सहकारिता-आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम में बेहतर योगदान देने वाले 6 बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ऐसे सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे. इस पहल से सारथी ही मालिक, के मूल सिद्धांत को मजबूती मिलेगी. सभी सम्मानित सारथी को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाएगा. यह सरकार की ड्राइवर कल्याण और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के प्रति भारत टैक्सी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
भारत टैक्सी के पहुंच को व्यापक बनाने की होगी कोशिश
केंद्र सरकार भारत टैक्सी सेवा की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए देश की प्रमुख सार्वजनिक और निजी हितधारकों के साथ 9 अहम समझौते पर हस्ताक्षर करेगी. भारत टैक्सी बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत भारत का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म (स्मार्ट फोन ऐप आधारित ऐसी सेवाएं जो यात्रियों को निजी चालकों से आसानी से जोड़ती है, जिससे वे आसानी से कैब या बाइक बुक कर सकते हैं) है, जिसकी स्थापना 6 जून 2025 को की गयी थी. यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन और सर्च-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करता है और इसमें लाभ का अधिकांश हिस्सा ड्राइवरों को मिलेगी. इस सेवा को शुरू करने का मकसद विदेशी निवेश-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के सामने एक स्वदेशी विकल्प तैयार करना है. खास बात है कि भारत टैक्सी सारथियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के जरिये सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने का काम किया गया है.
मौजूदा समय में दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बाइक दीदी जैसी पहल शुरू की गयी है और इसके तहत अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुकी हैं. गौर करने वाली बात है कि स्थापना के बाद से भारत टैक्सी दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म तथा विश्व का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है. अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, एक लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं. दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोजाना 10000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही है और लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है. आने वाले समय में इस योजना को देश के सभी राज्यों और शहरों में लागू करने की है.
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