CAA के लिए जल्द जारी होगा टोल फ्री नंबर, आवेदकों को मिलेगी पूरी जानकारी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 18 Mar 2024 3:31 PM
Union Home Minister Amit Shah
CAA: नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 देशभर में लागू होने के बाद जश्न और विरोध का दौर जारी है. बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आये शरणार्थियों में जहां खुशी की लहर देखी जा सकती है, वहीं दिल्ली, असम और केरल के कुछ हिस्सों में भारी विरोध किया जा रहा है. इस बीच केंद्र सरकार ने सीएए को लेकर बड़ी घोषणा की है. गृह मंत्रालय ने बताया कि बहुत जल्द भारतीय नागरिकता के लिए आवेदकों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा.
गृह मंत्रालय ने बताया, CAA-2019 से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदक भारत में कहीं से भी टोल-फ्री कॉल कर सकते हैं. यह सेवा सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी.
CAA: असम के छात्र संगठन ने सीएए के खिलाफ ‘सत्याग्रह’ का आह्वान किया
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू किये जाने के विरोध में ‘ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन’ (आसू) ने बुधवार को राज्यभर में ‘सत्याग्राह’ का आह्वान किया है. पिछले दो दिन से राज्य में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल और विभिन्न संगठनों ने सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया है. छात्र संगठन के एक नेता ने कहा, ‘आसू दिन में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में ‘सत्याग्रह’ करेगा.
केंद्र सरकार ने भारतीय मुसलमानों को किया आश्वस्त, हिंदुओं के समान मिलते रहेंगे अधिकार
सीएए लागू होने के बाद देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन और भय को देखते हुए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को साफ कर दिया है कि इससे किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. सरकार ने कहा, नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) पर भारतीय मुसलमानों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस कानून का भारतीय मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं है जिनके पास अपने समकक्ष हिंदू भारतीय नागरिकों के समान अधिकार हैं. सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि इस कानून के बाद किसी भी भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश करने के लिए नहीं कहा जाएगा.
केंद्र सरकार ने 11 मार्च को सीएए देशभर में लागू किया
केंद्र ने 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए तेजी से नागरिकता प्रदान करने के वास्ते नागरिकता (संशोधन) कानून को सोमवार को अधिसूचित किया.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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