भारत-नेपाल सीमा पर पकड़े गए अमेरिकी नागरिक के पास मिला चीनी पासपोर्ट, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक (Photo: X)

गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक (Photo: X)

एक अमेरिकी नागरिक, लेकिन उसके पास चीनी पासपोर्ट क्यों था? वह पिछले साल समुद्र के रास्ते भारत कैसे पहुंचा? बीते कई महीनों तक वह किन-किन जगहों पर घूमता रहा और आखिर नेपाल सीमा तक क्यों पहुंचा? जॉर्डन ब्राउन की गिरफ्तारी के बाद ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब तलाशने में जांच एजेंसियां जुटी हैं.

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अमेरिका का 36 साल का एक नागरिक भारत-नेपाल सीमा को अवैध तरीके से पार करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, उसके पास से एक चीनी पासपोर्ट, कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए हैं. मामले की जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह भारत में क्या कर रहा था?

आरोपी की पहचान अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है. उसे शनिवार (11 जुलाई) को उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में गिरफ्तार किया गया. उसके पास से मिले चीनी पासपोर्ट और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों को देखते हुए कई केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में जॉर्डन ब्राउन के किसी संदिग्ध या देश विरोधी गतिविधि में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं.

टूर का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं जांच एजेंसियां

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि वह जो भी जानकारी दे रहा है, उसकी अलग-अलग एजेंसियां अपने स्तर पर जांच कर रही हैं. उसकी पहचान, टूर का रिकॉर्ड, दूसरे देशों की यात्राएं और वह किन परिस्थितियों में भारत आया, इन सभी पहलुओं की पुष्टि की जा रही है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि जॉर्डन ब्राउन पिछले साल नवंबर में समुद्र के रास्ते भारत आया था. अब अधिकारी पिछले कई महीनों के दौरान उसकी हर गतिविधि की कड़ी जोड़ रहे हैं और यह भी जांच रहे हैं कि उसका बयान इमिग्रेशन और यात्रा रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं.

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अमेरिकी नागरिक के पास से क्या-क्या मिला

पुलिस के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन के पास से बरामद सभी सामान की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है. उसके पास से चीनी पासपोर्ट, मोबाइल फोन, नेपाली पैसा, धार्मिक किताबें, एआई ट्रांसलेटर डिवाइस, एक डायरी, कलाई घड़ी और अन्य प्राइवेट सामान मिले हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन चीजों का इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा था.


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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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