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Chinese Apps Ban: भारत में दूसरी बार चाइनीज ऐप पर बैन से बौखलाया चीन, कह दी ये बात

Updated at : 28 Jul 2020 6:24 PM (IST)
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Chinese Apps Ban: भारत में दूसरी बार चाइनीज ऐप पर बैन से बौखलाया चीन, कह दी ये बात

नयी दिल्ली : गलवान घाटी विवाद के बाद चीन के साथ जारी तनाव के बीच (India China Dispute) भारत आर्थिक मोर्चे पर लगातार चीन का झटके दे रहा है. इन आर्थिक प्रतिबंधों से चीन बौखला गया है. भारत सरकार ने पिछले दिनों टिक टॉक (Tik Tok) सहित 59 चाइनीज ऐप्स को प्रतिबंधित किया, उसके बाद इनके 47 क्लोन ऐप को भी अब प्रतिबंधित कर दिया है. इससे बौखलाए भारत में चीन के दूतावास से कड़ी प्रतिक्रिया आई है. दूतावास ने इसे कंपनियों के कानूनी अधिकार का उल्लंघन बताया है.

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नयी दिल्ली : गलवान घाटी विवाद के बाद चीन के साथ जारी तनाव के बीच (India China Dispute) भारत आर्थिक मोर्चे पर लगातार चीन का झटके दे रहा है. इन आर्थिक प्रतिबंधों से चीन बौखला गया है. भारत सरकार ने पिछले दिनों टिक टॉक (Tik Tok) सहित 59 चाइनीज ऐप्स को प्रतिबंधित किया, उसके बाद इनके 47 क्लोन ऐप को भी अब प्रतिबंधित कर दिया है. इससे बौखलाए भारत में चीन के दूतावास से कड़ी प्रतिक्रिया आई है. दूतावास ने इसे कंपनियों के कानूनी अधिकार का उल्लंघन बताया है.

भारत सरकार ने करीब 200 और चाइनीज ऐप्स को चिन्हित किया है. इन्हें भी प्रतिबंधित करने की योजना बन रही है. भारत के इन कदमों से बौखलाए चीन ने कहा है कि यह चीन की कंपनियों के कानूनी अधिकार का उल्लंघन है. इसके खिलाफ आवाज उठायी जायेगी. दूतावास ने कहा कि चाइनीज कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए चीन हर संभव कदम उठायेगा.

चीनी दूतावास की प्रवक्ता शी रोंग ने कहा, ‘भारत सरकार ने जिस तरह से चीन की वीचैट समेत 59 ऐप को प्रतिबंधित किया है वह चीनी कंपनियों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है और उनके हितों को प्रभावित करता है. हमने भारतीय पक्ष के सामने अपनी बात रखी है और उनसे कहा है कि वे इस कदम में सुधार करें. चीन की सरकार की तरफ से अपनी कंपनियों को पहले ही साफ-साफ निर्देश दिया गया है कि वे जिस भी देश में काम करें वहां के कानून का पूरी तरह से पालन करें.’

रोंग ने कहा, ‘यह भारत सरकार का कर्तव्य है कि वह चीनी कंपनियों के कानूनी अधिकार व चीनी निवेशकों समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के हितों का बाजार के नियमों के मुताबिक संरक्षण करें. भारत व चीन के बीच प्रायोगिक सहयोग दोनों देशों के हितों के अनुरूप है, लेकिन इस तरह का हस्तक्षेप इसे नुकसान पहुंचाता है और यह भारतीय हितों के मुताबिक भी नहीं है.’

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चीन की बेचैनी इसलिए भी बढ़ गयी है कि भारत में चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद दुनिया के दूसरे देशों में भी इन ऐप्स को बंद करने की मांग उठ रही है. खासकर अमेरिका में भी टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाये जाने की तैयारी हो रही है. अमेरिका में यह ऐप काफी लोकप्रिय है. भारत सरकार ने कई चाइनीज कंपनियों को मिले ठेके को रद्द कर भी चीन को बड़ा आर्थिक झटका दिया है.

यूरोप के कई देशों में भी चीन के मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग होने लगी है. कई बड़े देशों ने भारत के रुख का समर्थन भी किया है. इसके पहले भी जब भारत की तरफ से चीन की कंपनियों को मंदी का फायदा उठाते हुए भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण को रोकने के लिए कानूनी प्रावधान किये गये थे तब चीन ने डब्लूटीओ जाने की धमकी दी थी.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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