रूस के लूना-25 चंद्र मिशन की नाकामी का क्या चंद्रयान-3 पर पड़ेगा असर ? जानें क्या कहा वैज्ञानिकों ने

Cave On Moon | PTI
Chandrayaan-3 Updates: इसरो प्रमुख रहे के. सिवन कहा कि यह (चंद्रयान-3 मिशन) योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा. यह (सॉफ्ट लैंडिंग) योजना के अनुसार होगा. हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार (चंद्रयान-2) के उलट यह (सतह पर उतरने में) सफल रहेगा.

Chandrayaan-3 Updates: भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 इतिहास रचने से महज कुछ ही कदम दूर है जिसपर पूरी दुनिया की नजर टिक गयी है. 23 अगस्त को यान चांद की जमीन पर कदम रख देगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी चल रही है. यान लगातार चांद की तस्वीर क्लिक करके भेज रहा है जिसे इसरो सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर रहा है.

इस बीच सबके मन में एक सवाल आ रहा है कि क्या रूस के लूना-25 चंद्र मिशन की नाकामी का इसरो के चंद्रयान-3 अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा ? इस सवाल का जवाब भारत के शीर्ष अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने दिया है. चंद्रयान-2 मिशन को 2019 में भेजे जाने के समय इसरो प्रमुख रहे के. सिवन ने कहा है कि लूना-25 का कोई असर नहीं पड़ेगा. उनसे जब पूछा गया था कि रूसी मिशन की नाकामी के बाद क्या इसरो ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले अतिरिक्त दबाव में है. उसके जवाब में उन्होंने उपरोक्त बात कही.

आपको बता दें कि रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस ने रविवार को एक बयान में कहा था कि अनियंत्रित कक्षा में प्रवेश करने के बाद लूना-25 अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इधर, इसरो ने रविवार को कहा था कि चंद्रयान-3 मिशन का ‘लैंडर मॉड्यूल’ चंद्रमा की सतह पर बुधवार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर उतरने वाला है.

इसरो प्रमुख रहे के. सिवन कहा कि यह (चंद्रयान-3 मिशन) योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा. यह (सॉफ्ट लैंडिंग) योजना के अनुसार होगा. हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार (चंद्रयान-2) के उलट यह (सतह पर उतरने में) सफल रहेगा. वहीं इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने कुछ हलकों में हो रही इस चर्चा को खारिज कर दिया कि भारत और रूस चंद्रमा पर पहुंचने की दौड़ में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि लूना-25 का दुर्घटनाग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है.

इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने कहा कि मैं (लैंडर) मॉड्यूल के बारे में जानता हूं. यह 2008 में तैयार हो गया था. जब मैंने प्रयोगशाला (रूस में) का दौरा किया था, उन्होंने मुझे मॉड्यूल दिखाया था. उनके पास उस वक्त उसे मिशन पर भेजने के लिए संसाधन नहीं थे., इसलिए इसे लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रखा गया था.

चंद्रयान-3 मिशन पर इसका कोई असर पड़ने की संभावना से इनकार करते हुए नायर ने कहा कि भारत का यह मिशन पूरी तरह से आत्मनिर्भर है और हम ‘‘हम उन पर (रूस पर) निर्भर नहीं हैं.’’ अभी रूस के साथ भारत का अंतरिक्ष सहयोग मानव को अंतरिक्ष में भेजने के गगनयान अंतरिक्ष अभियान के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण देने तक सीमित है.
भाषा इनपुट के साथ
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By Amitabh Kumar
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