Chandrayaan-3: रोवर प्रज्ञान ने पहली बार खींची लैंडर विक्रम की तस्वीर, कहा- स्माइल प्लीज, देखें फोटो

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 30 Aug 2023 2:29 PM

विज्ञापन

इसरो ने रोवर प्रज्ञान द्वारा खींची गयी तस्वीरों को शेयर किया और लिखा, स्माइल प्लीज. इसरो ने बताया, प्रज्ञान रोवर ने आज सुबह विक्रम लैंडर की एक तस्वीर क्लिक की. रोवर (NavCam) पर लगे नेविगेशन कैमरे द्वारा तस्वीर ली गई.

विज्ञापन

चंद्रयान-3 की 23 अगस्त को सफल लैंडिंग के बाद चंद्रमा के बारे में रोवर प्रज्ञान ने कई जानकारियां भेजी हैं. जिसमें सबसे खास जानकारी मिली है कि चांद पर भी ऑक्सीजन और कई अन्य तत्व मौजूद हैं. इसरो लगातार रोवर की गतिविधि पर नजर बनाये हुए है. इसरो ने चंद्रमा की सतह पर रोवर प्रज्ञान की ताजा गतिविधि के बारे में लोगों को जानकारी दी है. जिसमें बताया कि रोवर प्रज्ञान ने लैंडिंग के बाद पहली बार लैंडर विक्रम की तस्वीर ली है.

इसरो ने रोवर द्वारा खींची गयी तस्वीरें शेयर की

इसरो ने रोवर प्रज्ञान द्वारा खींची गयी तस्वीरों को शेयर किया और लिखा, स्माइल प्लीज. इसरो ने बताया, प्रज्ञान रोवर ने आज सुबह विक्रम लैंडर की एक तस्वीर क्लिक की. रोवर (NavCam) पर लगे नेविगेशन कैमरे द्वारा तस्वीर ली गई. चंद्रयान-3 मिशन के लिए NavCams इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स सिस्टम प्रयोगशाला (LEOS) द्वारा विकसित किए गए हैं.

Also Read: Explainer: चंद्रयान 3 के पास बचा है 10 दिन से कम समय, जानिए अब तक क्या-क्या एक्स्प्लोर किया

रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा पर ऑक्सीजन की खोज की

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान पर लगे एक उपकरण ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सतह में गंधक होने की स्पष्ट रूप से पुष्टि की. इसरो ने यह भी कि कहा कि उपकरण ने उम्मीद के मुताबिक एल्युमीनियम, कैल्शियम, लौह, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन का भी पता लगाया है. इसरो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं…रोवर पर लगे लेजर संचालित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (एलआईबीएस) उपकरण ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सतह में गंधक होने की स्पष्ट रूप से पुष्टि की है. बेंगलुरु में स्थित इसरो के मुख्यालय ने कहा, उम्मीद के मुताबिक एल्युमीनियम, कैल्शियम, लौह, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन का भी पता चला है. हाइड्रोजन की तलाश जारी है.

Also Read: Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 मिशन में शामिल वैज्ञानिकों की शैक्षणिक योग्यता क्या है, जानें?

चंद्रमा पर हाइड्रोजन की गहन पड़ताल जारी

एलआईबीएस उपकरण को इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स सिस्टम्स (एलईओएस)/इसरो, बेंगलुरु की प्रयोगशाला में विकसित किया गया है. इसरो ने कहा, हाइड्रोजन की मौजूदगी के संबंध में गहन पड़ताल जारी है.

अमेरिकी सांसद, भारतीय-अमेरिकियों ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर भारत को बधाई दी

अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद और प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकियों ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के लिए मंगलवार को भारत को बधाई दी. सांसद और कांग्रेसनल इंडिया कॉकस के वरिष्ठ सदस्य ब्रैड शर्मन ने कहा, भारत को चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए बधाई. भारत चंद्रमा के इस भाग पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला पहला देश है. ‘सेलेस्टा कैपिटल’ के प्रबंध साझेदार और ओबामा प्रशासन के पूर्व अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग एयरोस्पेस उत्कृष्टता की दिशा में भारत की प्रगति का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण और सरकारी तथा निजी क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग के आधार पर एक प्रभावशाली प्रक्षेप पथ पर आगे बढ़ रही है.

Also Read: चंद्रयान-3 ने दी पहली बड़ी जानकारी, चांद के साउथ पोल में कितना है तापमान जानें

23 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर हुई सॉफ्ट लैंडिंग

भारत ने 23 अगस्त को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल (एलएम) की सॉफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की थी. इसी के साथ भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया था.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola