DPDP Rules: पैरेंट्स की इजाजत के बिना नहीं खुलेगा सोशल मीडिया अकाउंट, जल्द आएगा नियम

Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Jan 2025 1:44 AM

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Cabinet Decision

DPDP Rules: रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा का डीपीडीपी नियमों का मसौदा परामर्श के लिए खुला है. आपकी राय चाहता हूं.

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DPDP Rules: केंद्र सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों मसौदा जारी किया है. इस मसौदे का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं है. मिली जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किए गए मसौदा नियमों पर 18 फरवरी के बाद अंतिम नियम बनाने के लिए विचार किया जाएगा. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलने के लिए अपने पैरेंट्स या अभिभावक की सहमति लेना अनिवार्य होगा.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मांगी राय

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी अधिसूचना में कहा है जनता इन मसौदा नियमों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं. जनता अपना फीडबैक सरकार के नागरिक सहभागिता मंच MyGov.in के माध्यम से दे सकते हैं. सरकार जनका के फीडबैक पर 18 फरवरी 2025 के बाद विचार कर सकती है. रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा का डीपीडीपी नियमों का मसौदा परामर्श के लिए खुला है. आपकी राय चाहता हूं.

मसौदा अधिसूचना में कहा गया है कि ‘डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धारा 40 की उप-धाराओं (1) और (2) की शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार की ओर से अधिनियम के लागू होने की तिथि को या उसके बाद बनाए जाने वाले प्रस्तावित नियमों का मसौदा प्रकाशित किया जाता है.’ मसौदा नियमों में डिजिटल डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत व्यक्तियों की सहमति लेने, डाटा प्रसंस्करण निकायों और अधिकारियों के कामकाज से संबंधित प्रावधान तय किए गए हैं.

मसौदा नियमों पर 18 फरवरी के बाद किया जाएगा विचार

अधिसूचना में कहा गया है कि मसौदा नियमों पर 18 फरवरी 2025 के बाद विचार किया जाएगा. मसौदा नियमों में डीपीडीपी अधिनियम, 2023 के तहत स्वीकृत दंड का जिक्र नहीं किया गया है. व्यक्तिगत डिजिटल डेटा संरक्षण नियमों का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. फिलहाल सरकार ने जो मसौदा तैयार किया है उसमें नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई का जिक्र नहीं है. सरकार ने अभी सिर्फ लोगों से राय मांगी है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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