जनगणना 2027: आबादी की गिनती आज से शुरू, J&K और लद्दाख में लोग खुद दर्ज कर सकेंगे जानकारी

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सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जनगणना का सर्वे करते हुए, फोटो- एएनआई

Census: देश में जनगणना 2027 की आबादी गिनने की शुरुआत जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों से हो रही है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लोग ऑनलाइन के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे. इसके बाद सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे.

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Census: देश में जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण की शुरुआत सोमवार (17 अगस्त) से लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में हो रही है. इन दुर्गम क्षेत्रों के लोग पहले ऑनलाइन अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे. इसके बाद जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर तय सवालों के आधार पर जानकारी जुटाएंगे. इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद पहली बार सभी समुदायों की जाति गणना भी की जाएगी.

17 से 31 अगस्त तक खुद ऑनलाइन भर सकेंगे जानकारी

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों में 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना (Self-Enumeration)की सुविधा रहेगी. इस दौरान लोग ऑनलाइन माध्यम से अपनी और परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे.

इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे. इन क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और कई इलाकों तक पहुंच मुश्किल होने के कारण जनसंख्या गणना देश के बाकी हिस्सों से पहले कराई जा रही है.

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लाखों लोग होंगे शामिल

इस अभियान में लद्दाख के सात जिलों में रहने वाले करीब 2.74 लाख लोग शामिल होंगे. वहीं जम्मू-कश्मीर में डोडा, पुंछ और कुपवाड़ा सहित 16 जिलों में करीब 88 लाख लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में कराया जाना तय है.

जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल

केंद्र सरकार ने बीते दिनों जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण के लिए 40 सवालों को अधिसूचित किया था. जनगणना कर्मचारी परिवार अनुसूची के जरिए प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा, रोजगार और प्रवास से जुड़ी जानकारी जुटाएंगे. इन सवालों में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र और पति या पत्नी का नाम जैसी बुनियादी जानकारी शामिल होगी.


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पहली बार सभी समुदायों की जाति गणना

जनगणना 2027 की सबसे अहम बात जाति गणना है. अधिसूचित सवालों में प्रश्न संख्या 10 को अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST)/जाति के रूप में शामिल किया गया है. स्वतंत्रता के बाद यह पहली जनगणना होगी, जिसमें सभी समुदायों की पूरी संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी. इससे पहले जनगणना में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की व्यवस्थित गणना होती थी. सभी समुदायों की जाति गणना कराने का फैसला कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने 30 अप्रैल 2025 को लिया था.

धर्म, भाषा और पढ़ाई से जुड़े सवाल भी होंगे

जनगणना के दौरान लोगों से राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, माता-पिता की जानकारी और दिव्यांगता से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. इसके साथ मातृभाषा, दूसरी भाषाओं की जानकारी, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, स्कूल या कॉलेज में पढ़ाई और व्यक्ति ने किस स्तर तक शिक्षा हासिल की है, इसकी जानकारी भी दर्ज की जाएगी.

नौकरी और रोजगार की भी जुटाई जाएगी जानकारी

40 सवालों में रोजगार से जुड़े कई प्रश्न शामिल किए गए हैं. लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने पिछले एक साल में काम किया या नहीं, उनका पेशा क्या है और वे किस तरह के उद्योग, व्यापार या सेवा से जुड़े हैं. इसके अलावा व्यक्ति काम की तलाश कर रहा है या काम के लिए उपलब्ध है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी. काम की जगह तक आने-जाने से जुड़े विवरण भी जनगणना में दर्ज किए जाएंगे.

कहां जन्म हुआ और क्यों बदला शहर, इसकी भी जानकारी

  • प्रवास से जुड़े सवालों में जन्मस्थान, अंतिम निवास स्थान और मौजूदा गांव या शहर में आने का कारण पूछा जाएगा.
  • यह भी दर्ज किया जाएगा कि व्यक्ति कितने समय से मौजूदा जगह पर रह रहा है और उसका स्थायी आवासीय पता क्या है.
  • आधार, मोबाइल और वोटर ID से जुड़े सवाल भी शामिल
  • महिलाओं से बच्चों से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी
  • निर्धारित श्रेणी की महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जीवित जन्मे बच्चों की संख्या और पिछले एक साल के दौरान जीवित जन्मे बच्चों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी.

पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी. जनगणना कर्मचारी डिजिटल उपकरणों के जरिए आंकड़े दर्ज करेंगे. इसके साथ लोगों को Self-Enumeration की सुविधा भी दी गई है, जिसके जरिए वे तय अवधि में खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे.

दो चरणों में हो रही जनगणना

जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है. पहला चरण मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का है, जिसे अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में कराया जाना है.

  • पहले चरण में घरों की स्थिति, सुविधाओं और परिवारों के पास मौजूद संपत्तियों जैसी जानकारी जुटाई जाएगी.
  • दूसरे चरण में जनसंख्या गणना होगी. इसमें लोगों की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक, प्रवासन और प्रजनन से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली जाएगी.

बाकी देश में फरवरी 2027 में होगी जनसंख्या गणना

लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के हिमपात प्रभावित इलाकों में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 में कराई जा रही है. जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा. जाति से जुड़ी जानकारी भी इसी जनसंख्या गणना चरण के दौरान जुटाई जाएगी.

जनगणना पर 11,718 करोड़ रुपये से ज्यादा होंगे खर्च

सरकार ने 16 जून 2025 को राजपत्र अधिसूचना के जरिए 2027 की जनसंख्या जनगणना कराने के अपने फैसले की जानकारी दी थी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूरी प्रक्रिया के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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