कैबिनेट का फैसला: पांच साल तक जारी रहेगी सार्थक-PDS योजना, केंद्र खर्च करेगा 25,530 करोड़ रुपये

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 May 2026 4:37 PM

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केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव, फोटो- एएनआई

Cabinet Decision: केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव ने बुधवार (27 मई) को बताया कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सार्थक-PDS योजना को मंजूरी दी है. इस योजना पर करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके तहत तीन बड़े सुधार लागू किए जाएंगे.

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Cabinet Decision: केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (27 मई) को सार्थक-पीडीएस योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी. इस योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

पांच सालों तक लागू रहेगी योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस (सार्थक-पीडीएस) को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि के दौरान एक छतरी योजना के रूप में लागू करने का फैसला लिया गया. सरकार के मुताबिक यह योजना अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक यानी अगले पांच सालों के लिए लागू रहेगी. साथ ही योजना में तीन सुधार भी लागू किए जाएंगे.

1. राज्यों को मिलेगा परिवहन खर्च में सहयोग

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राज्य सरकारों की एजेंसियों को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से अनाज को जिलों, डिवीजनों और अंततः उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाने में काफी खर्च उठाना पड़ता है. कई राज्यों को इन खर्चों को वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है, ताकि खाद्यान्न परिवहन और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके.

2. उचित मूल्य दुकान संचालकों का बढ़ेगा मेहनताना

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना का दूसरा बड़ा सुधार उचित मूल्य की दुकानों से जुड़ा है. लंबे समय से राशन दुकानों के डीलरों को मिलने वाला वेतन स्थिर था, जबकि लगातार इसकी बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी. सरकार ने अब फैसला लिया है कि उचित मूल्य दुकान संचालकों को अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके और पीडीएस व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित हो सके.

3. तकनीक के जरिए होगा PDS का आधुनिकीकरण

केंद्रीय अश्विनी वैष्णव ने कहा कि तीसरा बड़ा सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण से जुड़ा है. सरकार तकनीक के प्रभावी उपयोग के जरिए पीडीएस को अधिक पारदर्शी, तेज और सक्षम बनाना चाहती है. इसके लिए वितरण प्रणाली में स्वचालन (ऑटोमेशन) और आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि लाभार्थियों तक राशन की आपूर्ति अधिक सुगम और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जा सके.

25,530 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता

बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विणी वैष्णव ने मीडिया से बात करते कहा कि योजना के लिए केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 25,530 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना है.

पारदर्शिता और दक्षता में होगा सुधार

सरकार का मानना है कि ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के विस्तार से पीडीएस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी. साथ ही, लाभार्थियों तक खाद्यान्न की आपूर्ति अधिक आसानी से हो सकेगी.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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