CAA लागू होने के बाद दिल्ली और असम में बढ़ाई गई सुरक्षा, जानें मुस्लिम नेताओं की प्रतिक्रिया
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Mar 2024 9:31 AM
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CAA: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए)-2019 की अधिसूचना के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली, शाहीन बाग, जामिया और दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में सोमवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई. अधिकारियों ने कहा कि कुछ हिस्सों में पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है.
CAA: दिल्ली में वर्ष 2020 में सीएए और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी या रजिस्टर) को लेकर सांप्रदायिक दंगे हुए थे. उत्तर पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जॉय तिर्की ने बताया, दिल्ली के उत्तर-पूर्व जिले के हर एक व्यक्ति की सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए उत्तर पूर्व जिले के पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों द्वारा गहन गश्त और जांच की जा रही है. अधिकारी ने कहा कि सभी से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया जाता है.
CAA : असम में सुरक्षा कड़ी की गयी
सीएए लागू किये जाने के बाद पूरे असम में सोमवार को अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ सुरक्षा कड़ी कर दी गई. अधिकारियों ने बताया कि सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और गुवाहाटी सहित राज्य के लगभग सभी शहरों में प्रमुख मार्गों पर अवरोधक लगाए गए हैं. विपक्षी दलों द्वारा सीएए की अधिसूचना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा किये जाने के बाद संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है.
असदुद्दीन ओवैसी बोले- सीएए का कोई और मकसद नहीं, सिर्फ मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि सीएए का कोई और मकसद नहीं, सिर्फ मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है. ओवैसी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, आप क्रोनोलॉजी समझिए. पहले चुनाव का मौसम आएगा, फिर सीएए के नियम आएंगे. सीएए पर हमारी आपत्तियां जस की तस बरकरार हैं. सीएए विभाजनकारी है और गोडसे की उस सोच पर आधारित है, जो मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाना चाहती है. उन्होंने कहा, सताए गए किसी भी व्यक्ति को शरण दी जाए, लेकिन नागरिकता धर्म या राष्ट्रीयता पर आधारित नहीं होनी चाहिए. सरकार को बताना चाहिए कि उसने इन नियमों को पांच साल तक क्यों लंबित रखा और अब इसे क्यों लागू कर रही है. एनपीआर-एनआरसी के साथ, सीएए का उद्देश्य केवल मुसलमानों को निशाना बनाना है, इसका कोई अन्य उद्देश्य नहीं है.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सीएए लागू होने पर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
सीएए अधिसूचना पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, हमें पता चला है कि यह अधिसूचना जारी की गई है और सभी समुदाय के सदस्यों से मेरी अपील है कि हम सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए और अपनी कानूनी समिति पूरी अधिसूचना का अध्ययन करेगी और फिर कोई बयान दिया जा सकता है.
मुख्यमंत्री विजयन बोले- केरल में लागू नहीं करेंगे सीएए
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को सांप्रदायिक आधार पर विभाजन पैदा करने वाला कानून करार देते हुए सोमवार को कहा कि इसे दक्षिणी राज्य में लागू नहीं किया जाएगा. विजयन ने यहां एक बयान में कहा, सरकार ने बार-बार कहा है कि सीएए केरल में लागू नहीं किया जाएगा, जो मुस्लिम अल्पसंख्यकों को दोयम दर्जे का नागरिक मानता है. यह रुख बरकरार है. सांप्रदायिक रूप से विभाजनकारी इस कानून के खिलाफ पूरा केरल एकजुट होगा.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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