ePaper

Corona की दूसरी वेव में ही क्यूं आ रहे ब्लैक फंगस के मामले, डॉक्टर्स ने बताया बड़ा कारण

Updated at : 22 May 2021 7:19 PM (IST)
विज्ञापन
Corona की दूसरी वेव में ही क्यूं आ रहे ब्लैक फंगस के मामले, डॉक्टर्स ने बताया बड़ा कारण

डॉ पॉल ने यह भी कहा कि स्टेरॉयड कोरोना के मरीजों की जान बचाने में कारगर है, लेकिन मरीजों के इलाज के दौरान अनावश्यक रूप से इसका हैवी डोज देना खतरनाक साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि मरीज के इलाज में इसकी जरूरत नहीं होने पर भी इसका उपयोग किया जा रहा है. इतना ही नहीं, इसका लंबे समय तक मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, जरूरत पड़ने पर जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल करना अनुचित नहीं है.

विज्ञापन

Black fungus cases : देश में कोरोना की दूसरी वेव के दौरान म्यूकोरमाइकोसिस या फिर ब्लैक फंगस के नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हालांकि, इसके संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शासकों से एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इस बीच, एक अहम सवाल यह भी पैदा होता है कि आखिर दूसरी वेव में ही ब्लैक फंगस के मामले क्यों आ रहे हैं? नीति आयोग के सदस्य और केंद्र सरकार की ओर से गठित कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ वीके पॉल ने कहा है कि कोरोना के मरीजों के इलाज के दौरान स्टेरॉयड के धड़ल्ले से इस्तेमाल ने इस फंगल इंफेक्शन को बढ़ाने में मदद की है.

हालांकि, डॉ पॉल ने यह भी कहा कि स्टेरॉयड कोरोना के मरीजों की जान बचाने में कारगर है, लेकिन मरीजों के इलाज के दौरान अनावश्यक रूप से इसका हैवी डोज देना खतरनाक साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि मरीज के इलाज में इसकी जरूरत नहीं होने पर भी इसका उपयोग किया जा रहा है. इतना ही नहीं, इसका लंबे समय तक मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, जरूरत पड़ने पर जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल करना अनुचित नहीं है.

डॉ पॉल ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सही समय पर उचित तरीके से स्टेरॉयड का इस्तेमाल करना कोरोना के खिलाफ कारगर साबित होगा. उन्होंने कहा कि अनुचित तरीके से डोज देने के बाद स्टेरॉयड कोरोना मरीजों को स्वस्थ करने के बजाए उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालना शुरू कर देता है.

तो क्या बंद कर देना चाहिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल?

तो क्या स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्टेरॉयड का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए? इस सवाल के जवाब में डॉ पॉल ने कहा कि नहीं, मरीजों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्टेरॉयड का इस्तेमाल जारी रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह एक बेहतरीन दवा है, लेकिन इसका अनुचित तरीके से इस्तेमाल करने से ब्लैक फंगस के संक्रमण को बढ़ावा देता है.

दवा की उपलब्धता पर सरकार उठा रही कदम

ब्लैक फंगस की दवा की देश में होने वाली कमी को लेकर डॉ पॉल ने कहा कि इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि राज्यों से इसे महामारी घोषित करने को कहा गया है और इसके खतरे को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

सरकार ने शुरू किए डिजिटल प्लेटफॉर्म

संयुक्त स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि सरकार की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ब्लैक फंगस के मामलों की विस्तृत जानकारी देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत कर दिया गया है. इसे शुक्रवार से ही शुरू कर दिया गया है और इस प्लेटफॉर्म के जरिए राज्यों ने विस्तृत जानकारी देना शुरू भी कर दिया है.

क्या कोरोना की वजह से नहीं फैल रहा ब्लैक फंगस?

डॉ पॉल ने कहा कि ब्लैक फंगस एक नई बीमारी है, जो कोरोना महामारी के दौरान धीरे से प्रवेश कर गई है. प्री-कोविड टाइम में फंगल इंफेक्शन के केसेज आ सामने आ रहे थे. उन्होंने कहा कि यह एक असामान्य बीमारी है, जो आम तौर पर डायबिटीज के रोगियों को प्रभावित करती है. संतोषजनक बात यह है कि इसने अभी महामारी का रूप धारण नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस कोरोना की वजह से शुरू नहीं हुआ है.

Also Read: बाबा रामदेव के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज करने पर अड़ा IMA, सोशल मीडिया पर वायरल बयान स्वास्थ्य मंत्री से की कार्रवाई की मांग

Posted by : Vishwat Sen

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola