सांसद प्रताप सिम्हा के भाई की गिरफ्तारी पर कर्नाटक में सियासी संग्राम, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

प्रताप सिम्हा के भाई की गिरफ्तारी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ‘कानून तोड़ने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा, अगर वे निर्दोष हैं तो किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.
भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सिम्हा के भाई विक्रम सिम्हा की गिरफ्तारी पर कर्नाटक में सियास संग्राम जारी है. इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है. बीजेपी जहां इस राजनीति से प्रेरित बता रही है, वहीं कांग्रेस ने विक्रम की गिरफ्तारी को कानून की प्रक्रिया के तहत बताया है.
क्या है मामला
दरअसल मैसूरु-कोडगु से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के भाई विक्रम सिम्हा को हासन के वन क्षेत्र में पेड़ काटने के आरोप में वन विभाग ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. जिसके बाद राज्य में राजनीति तेज हो गई है.
जिन्होंने अपराध किया है उन पर मुकदमा चलाया जाएगा: सिद्धारमैया
प्रताप सिम्हा के भाई की गिरफ्तारी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ‘कानून तोड़ने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा, अगर वे निर्दोष हैं तो किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. हमारी सरकार में लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, और जिन्होंने अपराध किया है उन पर मुकदमा चलाया जाएगा.
Bengaluru | On the arrest of BJP MP from Mysuru-Kodagu Pratap Simha's brother Vikram Simha by the forest department, Karnataka Deputy CM DK Shivakumar says, "We don't want to target anyone, I have just enquiry on that if he took the permission to cut trees it is ok no issue, if… https://t.co/roFfzqufqR pic.twitter.com/ih6dRTsy4H
— ANI (@ANI) December 31, 2023
हम किसी को निशाना नहीं बनाना चाहते : डीके शिवकुमार
मैसूर-कोडगु से बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के भाई विक्रम सिम्हा की वन विभाग द्वारा गिरफ्तारी पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, ‘हम किसी को निशाना नहीं बनाना चाहते, मुझे बस इस बारे में पूछताछ करनी है कि क्या उन्होंने काटने की इजाजत ली थी. अगर ली थी तो कोई बात नहीं, अगर उन्होंने अनुमति नहीं ली है तो यह अवैध है. उन्होंने आगे कहा, सांसद प्रताप सिम्हा राजनीति कर रहे हैं, और अगर उन्हें अनुमति मिल जाएगी तो उन्हें कोई नहीं रोकेगा, मैंने उनके मुद्दे पर क्रॉस-चेक कर लिया है और अधिकारियों ने अपना काम कर दिया है. हम इस मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं. अधिकारी ने कहा है कि उसने बिना किसी लाइसेंस के इतने सारे पेड़ काटे हैं.
संसद सुरक्षा चूक मामले में सामने आया था सांसद प्रताप सिम्हा का नाम
13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा चूक मामले में बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा का नाम सामने आया था. दरअसल लोकसभा के दर्शक दीर्घा से कूदने वाले दोनों शख्स बीजेपी सांसद की सिफारिश पर ही संसद के अंदर प्रवेश किए थे. उस घटना के बाद सांसद को विरोध का भी सामना करना पड़ा था.
क्या है मामला
दरअसल संसद पर 2001 में किए गए आतंकी हमले की बरसी के दिन 13 दिसंबर को, सुरक्षा चूक की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया. उन दोनों ने कर्नाटक के मैसुरू से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य प्रताप सिम्हा की सिफारिश वाले पास पर संसद के अंदर प्रवेश किया था.
संसद सुरक्षा चूक मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी
संसद सुरक्षा चूक मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जिसमें घटना के दिन संसद के अंदर से दो लोग और बाहर से दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. घटना के कुछ दिनों बाद दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
दिल्ली पुलिस कर रही आरोपी के जूतों में ‘केविटी’ बनाने वाले की तलाश
दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक मामले के आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी के जूतों में धुएं की केन रखने के लिए जगह बनाने वाले उस व्यक्ति का पता लगाने के लिए लखनऊ की पुलिस से मदद मांगी है जो जूता बनाने का काम करता है. पुलिस इस व्यक्ति को मामले में गवाह बनाना चाहती है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार सागर ने पहले खुद जूतों को अपने हिसाब से तैयार करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहने पर उसने जूता बनाने वाले उस व्यक्ति से संपर्क किया जो एक साइकिल पर लखनऊ के आलमबाग आता था.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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