Birth and Death Certificate: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विधेयक को संसद की मंजूरी, जानें आम लोगों को क्या होगा लाभ

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New Delhi: Congress MP Rahul Gandhi being greeted by supporters as he arrives at Parliament House complex during Monsoon Session, in New Delhi, Monday, Aug. 7, 2023. The Lok Sabha membership of Rahul Gandhi was restored on Monday, days after the Supreme Court stayed his conviction in a defamation case. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI08_07_2023_000066A)

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस विधेयक से जन्म एवं मृत्यु के प्रमाणपत्र का पंजीकरण सरल हो जाएगा, मानवीय हस्तक्षेप कम हो जाएगा और यह डिजिटल होगा. उन्होंने कहा कि यह ऐसा प्रमाण पत्र होगा जो विभिन्न कार्यों में भी मददगार साबित होगा.

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संसद ने सोमवार को ‘जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023’ को मंजूरी प्रदान कर दी. जिसमें लोगों की सुविधा के लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र के डिजिटल पंजीकरण के प्रावधान हैं.

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने चर्चा का दिया जवाब

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद राज्यसभा ने विधेयक को ध्वनिमत से अपनी स्वीकृति दे दी। चर्चा के समय विपक्ष के ज्यादातर सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे. लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है.

क्यों लाया गया विधेयक

चर्चा का जवाब देते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि यह विधेयक लोगों के लिए सुविधाओं को सुगम बनाने के मकसद से लाया गया है और यह जनहित में है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के संबंध में राज्यों, संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों से व्यापक परामर्श किया गया तथा आम लोगों से भी राय ली गई.

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विधेयक से जन्म एवं मृत्यु के प्रमाणपत्र का पंजीकरण सरल हो जाएगा

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस विधेयक से जन्म एवं मृत्यु के प्रमाणपत्र का पंजीकरण सरल हो जाएगा, मानवीय हस्तक्षेप कम हो जाएगा और यह डिजिटल होगा. उन्होंने कहा कि यह ऐसा प्रमाण पत्र होगा जो विभिन्न कार्यों में भी मददगार साबित होगा. उन्होंने कहा कि विभिन्न आपदा के पीडि़तों एवं उनके परिवारों को भी फायदा होगा.

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जन्म एवं मृत्यु का राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार किया जाएगा

विधेयक में लोगों की सुविधा एवं फायदे के लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र में डिजिटल पंजीकरण और इलेक्ट्रॉनिक निष्पादन का प्रावधान किया गया है. इसमें पंजीकृत जन्म एवं मृत्यु का राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करने की बात कही गई है.

चर्चा में इन सांसदों ने लिया हिस्सा

संक्षिप्त चर्चा में बीजू जनता दल की सुलता देव, भाजपा की सीमा द्विवेदी, वाईएसआर कांग्रेस के सुभाष चंद्र बोस पिल्ली और वी विजय साई रेड्डी, अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरई ने भी भाग लिया.

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जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 में अबतक नहीं हुआ था संशोधन

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969, जन्म एवं मृत्यु के मामलों के पंजीकरण के नियमन को लेकर अमल में आया था. इस अधिनियम में अब तक संशोधन नहीं किया गया है और इसके संचालन की अवधि के दौरान सामाजिक परिवर्तन और तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बनाए रखने और इसे अधिक नागरिक अनुकूल बनाने के लिए अधिनियम में संशोधन की आवश्यकता है. इसमें कहा गया है कि समाज में आए बदलाव और प्रौद्योगिकी उन्नति के साथ रफ्तार बनाये रखने एवं इसे नागरिकों की सुविधा के अनुकूल बनाने के लिए अधिनियम में संशोधन की जरूरत थी.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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