इस्लामिक कट्टरपंथी जाकिर नाइक की संस्था पर 5 साल बढ़ा प्रतिबंध, जानिए क्यों आईआरएफ पर लगा है बैन

इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की संस्था पर केन्द्र सरकार ने प्रतिबंध और 5 साल के लिए बढ़ा दिया है. उनकी संस्था का नाम इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन है. सोमवार को केन्द्र सरकार ने नाइक की संस्था पर पहले से लगे प्रतिबंध को और 5 साल तक के लिए बढ़ दिया है.
इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की संस्था पर केन्द्र सरकार ने प्रतिबंध और 5 साल के लिए बढ़ा दिया है. उनकी संस्था का नाम इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) है. सोमवार को केन्द्र सरकार ने नाइक की संस्था पर पहले से लगे प्रतिबंध को और 5 साल तक के लिए बढ़ दिया है.
विदेश में रहता है जाकिर नाइक: गौरतलब है कि जाकिर नाइक फिलहाल मलेशिया में रहता है. इससे पहले साल 2016 में उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को देश में गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था. और उसपर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
केंद्रीय गृह मंत्रालय का इस बारे में कहना है कि आईआरएफ उन गतिविधियों में शामिल है, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. साथ इस इस संस्था के संचालन से देश में शांति, सांप्रदायिकता और सद्भावना को खतरा बताया है. गृह मंत्रालय का यह भी कहना है कि, उसके बयान और भाषण नफरत फैलाने वाले और काफी विध्वंसक हैं. उसके भाषण से देश में दुश्मनी और नफरत फैल सकती है.
गौरतलब है कि विभिन्न माध्यमों से जाकिर नाइक दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए कट्टरपंथी भाषण और बयान देता है. ऐसे में गृह मंत्रालय ने कहा है कि जाकिर नाइक की संस्था पर अभी और 5 साल प्रतिबंध लगाया जाएगा.
Posted by: Pritish Sahay
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